BIHAR CRIME: विकृत मानसिकता की हद! सार्वजनिक चापाकल के इस्तेमाल पर भड़के ग्रामीण, दलितों को दी खौफनाक सजा

BIHAR CRIME: विकृत मानसिकता की हद! सार्वजनिक चापाकल के इस्तेमाल पर भड़के ग्रामीण, दलितों को दी खौफनाक सजा

CHHAPRA: हमारे देश में कानून व्यवस्था की तरफ से भले ही ऊंच-नीच, छुआछूत जैसी बुराइयों को खत्म कर दिया हो, मगर लोगों के दिलों दिमाग में यह इस कदर रची-बसा है कि इन्हें वहां से निकालना काफी मुश्किल है. इसी भेदभाव और विकृत मानसिकता का खौफनाक अंजाम दिखा छपरा में. यहां आधा दर्जन दलितों को बर्बर तरीके से महज इसलिए मारा गया क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक चापाकल इस्तेमाल कर लिया था. इन लोगों के हिसाब से अब इस चापाकाल का पानी पीने लायक नहीं है क्योंकि दलितों ने इससे पानी पी लिया है.

यह मामला है 12 मई का, जब भेल्दी थाना क्षेत्र के मौलानापुर गांव निवासी शिवप्रसाद राम के घर के लोग सार्वजनिक चापाकल पर शौच के बाद हाथ धो रहे थे. तभी गांव के ही एक दर्जन से ज्यादा लोग हथियार लेकर पहुंचे और उनपर धावा बोल दिया. इस हमले में 6 लोग घायल हो गए थे. घायलों में शिव प्रसाद राम, चंदन कुमार राम, सिकंदर राम, विवेक कुमार राम, सरोज देवी और पन्ना देवी शामिल हैं. इन्हें इलाज के लिए गड़खा CHC ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सदर अस्पताल छपरा रेफर कर दिया. छपरा में कुछ लोगों का इलाज हुआ एवं गंभीर स्थिति को देखते हुए 3 लोगों को PMCH पटना रेफर कर दिया गया। PMCH में इलाज के क्रम में शनिवार को शिव प्रसाद राम की मौत हो गई.

हैरानी की बात ह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई काफी सुस्त रवैये से चल रही है, जिससे आरोपियों को बल मिल रहा है. 15 मई को घायलों की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी जिसमें पूरे मामले का विस्तार से विवरण दिया गया था. यहां तक कि प्राथमिकी में आरोपियों का नाम भी बताए गए थो और आक्रोशित ग्रामीणों ने एसपी से भी इस संबंध में बात की थी. बावजूद इसके अब तक किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे अन्य लोगों की भी जान पर संकट बना हुआ है.


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