Bihar Election 2020: बिहार की इन 12 विधानसभा सीटों पर दोनों गठबंधन में किस दल का बन रहा मजबूत दावा, जानिए एक-एक सीट का हाल ....

Bihar Election 2020: बिहार की इन 12 विधानसभा सीटों पर दोनों गठबंधन में किस दल का बन रहा मजबूत दावा, जानिए एक-एक सीट का हाल ....

PATNA:बिहार विधानसभा चुनाव में अभी 6 महीना से अधिक का समय शेष है।लेकिन अभी से हीं बिहार के राजनीतिक दल अपनी गोटी सेट करने में जुट गए हैं।सभी गठबंधन के घटक दल पसंदीदा सीटों के चुनाव पर मंथन में जुटे हैं।बात चाहे एनडीए की हो या फिर महागठबंधन की।दोनों गठबंधन में शामिल दल के नेता अपनी पसंद की सीटों पर नजरें टिकाए हुए हैं।

अगर एनडीए की बात करें तो इस गठबंधन में 2015 और 2020 में बड़ा अंतर आया है।2015 में जहां नीतीश कुमार की पार्टी महागठबंधन के साथ थी।एनडीए में बीजेपी,एलजेपी,आरएलएसपी और हम चार पार्टियां शामिल थी।लेकिन इस बार एनडीए में बीजेपी,जेडीयू और एलजेपी की तिकड़ी है।

वहीं महागठबंधन में अभी यह क्लियर नहीं है कि कौन सी पार्टी साथ रहेगी और कौन बाहर जाएगी। वर्तमान की बात करें तो महागठबंधन में इस बार राजद,कांग्रेस,आरएलएसपी,वीआईपी और हम है।हालांकि जीतनराम मांझी की महागठबंधन में स्थिति ठीक नहीं है और तेजस्वी यादव उन्हें भाव देते नहीं दिख रहे।लिहाजा वे महागठबंधन में रहेंगे या फिर कहीं दूसरे ठिकाने पर ठौर लेंगे यह स्पष्ट नहीं है।

पूर्वीचंपारण की 12 विस सीटों के बारे में जानिए

हम आपको आज पूर्वी चंपारण जिले की 12 विधानसभा सीटों के बारे में बता रहे हैं.हम बता रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए किस सीट पर किस दल की दावेदारी ज्यादा मजबूत है। बता दें कि 2015 के विधानसभा चुनाव में पूर्वीचंपारण की 12 विस सीटों में से बीजेपी को 7,राजद 4, एलजेपी को 1 सीट पर जीत मिली थी वहीं नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को शून्य सीट से संतोष करना पड़ा था।यानि कि एनडीए के खाते में 8 और महागठबंधन के खाते में 4 सीटें आई थी।

2010 में जेडीयू के 5 विधायक जीते थे

वहीं 2010 की बात करें जब नीतीश कुमार की पार्टी  बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी  तब बीजेपी को 6 सीटें,जेडीयू   5 और निर्दलीय की 1 सीट पर जीत हुई थी।

जानिए किस सीट पर किसकी मजबूत दावेदारी

हम आपको 2020 विस चुनाव में किस सीट पर किस पार्टी की मजबूत दावेदारी है,कौन सी सीट छोड़नी पड़ सकती है,किस सीट पर सहयोगी दलों में चिच हो सकती है... एक-एक सीट का उल्लेख कर रहे हैं।

1-रक्सौल-बीजेपी( सीटिंग विधायक) इस सीट पर एनडीए की तरफ से बीजेपी की दावेदारी है तो महागठबंधन की तरफ से राजद की।क्यों कि 2015 के चुनाव में राजद उम्मीदवार काफी मतों से चुनाव हारे थे।

2-सुगौली-बीजेपी(सीटिंग विधायक) सुगौली सीट पर वैसे तो बीजेपी की हीं दावेदारी मजबूत है लेकिन बीजेपी के अंदर चर्चा है कि इस बार वहां के सीटिंग विधायक रामचंद्र सहनी का पत्ता साफ हो सकता है।वहीं महागठबंधन की तरफ से राजद की पक्की दावेदारी है।

3-नरकटिया-राजद(सीटिंग विधायक) इस सीट पर महागठबंधन की तरफ से राजद की पक्की दावेदारी है।वहीं एनडीए की तरफ से जेडीयू की मजबूत दावेदारी बनती है।क्यों कि 2010 विस चुनाव जेडीयू ने इस सीट पर कब्जा जमाया था।

4-हरसिद्धी-राजद(सीटिंग विधायक)राजद के सीटिंग विधायक होने की वजह से हरसिद्धि सुरक्षित सीट से राजद की मजबूत दावेदारी है।वहीं एनडीए की तरफ से यह सीट बीजेपी के खाते में जाने की संभावना है।

5-गोविंदगंज(लोजपा)(सीटिंग विधायक) इस सीट पर एनडीए की तरफ से लोजपा की दावेदारी है वहीं महागठबंधन की तरफ से कांग्रेस की।2015 के चुनाव में भी यह सीट कांग्रेस के खाते में गई थी।

6-केसरिया-(राजद)(सीटिंग विधायक) इस सीट पर राजद की पक्की दावेदारी है।वहीं एनडीए की तरफ से जेडीयू की इस सीट पर कड़ी नजर है।अधिक संभावना है कि यह सीट जेडीयू के खाते में जाएगी।

7-कल्याणपुर(बीजेपी)(सीटिंग विधायक)सीटिंग सीट होने की वजह से बीजेपी की दावेदारी अधिक है।लेकिन इस सीट पर जेडीयू भी अपनी मजबूत दावेदारी जता रही है।वहीं महागठबंधन की बात करें तो राजद के खाते में यह सीट जा सकती है।

8-पीपरा(बीजेपी) (सीटिंग विधायक) अधिक संभावना है कि बीजेपी से सीट छीन जाए..क्यों कि इस सीट पर जेडीयू का दबदबा रहा है।लिहाजा जेडीयू की पुरी कोशिश है कि यह सीट उनके खाते में आए।वहीं महागठबंधन में यह सीट राजद कोटे में जाने वाली है। 

9-मधुबन(बीजेपी) (सीटिंग विधायक) बीजेपी की मजबूत दावेदारी है।हालांकि इसके पहले मधुबन सीट जेडीयू के खाते में रही है।लिहाजा मधुबन सीट को जेडीयू आसानी से छोड़ने वाली नहीं।वहीं महागठबंधन में राजद का पलड़ा भारी है।

10-मोतिहारी(बीजेपी)(सीटिंग विधायक)एनडीए से बीजेपी वहीं महागठबंधन में राजद खेमें यह सीट जा सकती है।

11-चिरैया(बीजेपी) (सीटिंग विधायक)यहां से बीजेपी की मजबूत दावेदारी है।वहीं महागठबंधन की तरफ से यह सीट कांग्रेस की झोली में जा सकती है।हालांकि राजद की भी इस सीट पर मजबूत दावेदारी है।

12-ढ़ाका(राजद) (सीटिंग विधायक) ढ़ाका से राजद की मजबूत दावेदारी है।वहीं एनडीए की तरफ से बीजेपी का दावा पक्का है।

इस तरह से बात करें तो पूर्वीचंपारण की 12 विस सीटों में एनडीए के भीतर बीजेपी को 6-7 सीटें जेडीयू को 4-5 सीट और 1 सीट पर लोजपा की दावेदारी है। वहीं महागठबंधन में राजद के खाते में 9 कांग्रेस के खाते में 2 और एक सीट बाकि के सहयोगी दलों के खाते में जा सकती है।

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