शहरीकरण में झारखंड से भी पीछे है बिहार, 15वें वित्त आयोग से निकायों को मिले अनुदान दे रहे सबूत

शहरीकरण में झारखंड से भी पीछे है बिहार, 15वें वित्त आयोग से निकायों को मिले अनुदान दे रहे सबूत

PATNA : केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिश पर शहरी स्थानीय निकायों के लिए  4761 करोड़ रुपए का अनुदान जारी किया है। वित्तिय वर्ष 2022-23 के लिए जारी इस अनुदान राशि में बिहार के निकायों के लिए सिर्फ 7.35 करोड़ रुपए ही मिले हैं। जबकि बिहार से ज्यादा रकम झारखंड के निकायों के लिए दी गई है। झारखंड सरकार को 11.98 करोड़ रुपए मिले हैं। सबसे ज्यादा अनुदान यूपी को मिला है। यूपी को 1988 करोड़ रुपए मिले हैं। 

जो फार्मूला बनाया, उसमें बिहार पीछे

दरअसल में यह राज्यों की हिस्सेदारी तय करने के लिए एक फार्मूला तैयार किया गया है। जिसमें शहरीकरण को आधार बनाया गया है। 15वें वित्त आयोग ने 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट में शहरी स्थानीय निकायों को दो श्रेणियों में बांटा है। जिसमें नई दिल्ली और श्रीनगर को छोड़कर देश के बाकि राज्यों में दस लाख से अधिक आबादी वाले निकाय को ए श्रेणी और दस लाख से कम आबादी वाले निकायों को बी श्रेणी में रखा गया है। इसमें बिहार में कम शहरीकरण होने के कारण अनुदान की राशि भी बेहद कम हो गई है। 

इस तरह बांटी जाती है राशि 

वित्त आयोग के फार्मूले में दस लाख की आबादी वाले निकायों मिलने वाले अनुदान में से ठोस अवशिष्ट प्रबंधन के लिए 2/3 से अधिक की सिफारिश की जाती है और शेष 1/3 को परिवेशी वायु गुणवत्ता के लिए आवंटित किया जाता है। 



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