नियोजित शिक्षकों को इसी महीने मिलेगी बड़ी खुशखबरी, सेवा शर्त लागू करने की उल्टी गिनती शुरू...

पटनाः बिहार के नियोजित शिक्षकों की सबसे बड़ी मांग पूरी होने वाली है।नियोजित शिक्षकों की सेवा-शर्त लागू करने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।इसी महीने किसी भी दिन सेवा-शर्त लागू करने का आदेश जारी हो सकता है।इसकी पूरी तैय़ारी हो गई है।बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने नियोजित शिक्षकों के मुद्दे पर रविवार को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी से मुलाकात की थी।बीजेपी ने सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम सुशील मोदी से नियोजित शिक्षकों की सेवाशर्त एवं नियमावली को शीघ्र-अति-शीघ्र लागू करने की माँग की थी।जिस पर मुख्यमंत्री काफी पॉजिटिव रहे और सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया.   .

उल्टी गिनती शुरू

नवल किशोर यादव ने बताया कि नियोजित शिक्षको के प्रतीक्षा की घड़ी खत्म होने वाली है। इस महीने में कभी भी सेवा शर्त को लेकर बिहार सरकार आदेश जारी कर सकती है।सेवा शर्त को लेकर मीटिंग हो गई है,विभाग के स्तर पर कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और कभी भी इसका ऐलान हो सकता है।बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त लागू हो जाने से शिक्षकों को काफी फायदा मिलेगा।इसके लागू होने के बाद कई परेशानी  का एक साथ समाधान हो जाएगा। 

बीजेपी नेता ने सीएम नीतीश को सौंपा था ज्ञापन

नवल किशोर यादव ने इस संबंध में व्यक्तिगत तौर पर रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के उप- मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से मुलाकात कर 10 सूत्री माँगों का ज्ञापन भी सौंपा था। इस संबंध में नवल यादव ने कहा कि मुख्यमत्री एवं उप-मुख्यंमंत्री ने उन्हें इस संबंध में शीघ्र यथोचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। नवल यादव ने जोर देकर कहा कि उन्हें बिहार सरकार से नियोजित शिक्षकों और साथ ही शारीरिक शिक्षकों एवं पुस्तकालय अध्यक्ष के हित में न्यायोचित फैसला लिए जाने की पूरी उम्मीद है।

(प्रोo) नवल किशोर यादव ने मुख्यमंत्री- उप-मुख्यमंत्री को सौंपा 10 सूत्री ज्ञापन 

  1. पुराने शिक्षकों की तरह ही नियोजित शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण को मंजूरी दी जाय। जिससे कि महिला एवं बड़ी संख्या में अन्य पुरूष शिक्षकों को भी अपने गृहक्षेत्र एवं निकटस्थ स्थानों पर कार्य करना संभव हो सके। इससे व्यवहारिक परेशानियाँ तो दूर होंगी ही, कार्य कुशलता में भी बढ़ोत्तरी होगी
  2. उपार्जित अवकाश, सामान्य भविष्य निधि, ग्रुप बीमा, उपादान की राशि सुनिश्चित हो। साथ ही राज्य कर्मियों की तरह अन्य सभी सुविधाएँ भी दी जाय 
  3. सेवा उपरांत शिक्षकों एवं उनके परिवारजनों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए पेंशन की व्यवस्था की जाय
  4. शिशुओं की देखभाल के लिए महिला शिक्षकों को दो वर्ष के अवकाश की अनुमति मिले
  5. शारीरिक शिक्षकों को भी पूर्व की भाँति प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति दी जाय़
  6. मातृत्व अवकाश मिले और इसे 135 दिन से बढ़ाकर 180 दिन किया जाय़
  7. शिक्षकों की मृत्यु के उपरांत अनुकंपा का लाभ पूर्ववत ही दी जाय
  8. पितृत्व अवकाश भी 15 दिनों का घोषित किया जाय़
  9. चिकित्सा अवकाश की भी अनुमति मिले
  10. कालबद्ध प्रोन्नति सुनिश्चित किया जाय़


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