बिहार में वृक्षों का शुरू हुआ ट्रांसलोकेशन, पहली बार आर-ब्लॉक-दीघा पथ से हुई शुरूआत

बिहार में वृक्षों का शुरू हुआ ट्रांसलोकेशन, पहली बार आर-ब्लॉक-दीघा पथ से हुई शुरूआत

पटनाः बिहार में सड़क निर्माण में बाधक बन रहे पेंड़ों की कटाई की जगह ट्रांसलोकेशन की जाएगी।इसकी शुरूआत राजधानी पटना के आर-ब्लॉक-दीघा रोड़ से शुरू हो गई है।बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव की मौजूदगी में इस कार्य की शुरूआत की गई।इस तरह का प्रयोग बिहार में पहली बार हो रहा है।

पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि वृक्षों को बचाने के लिए ट्रांसलेकोशन की शुरूआत की है।आर-ब्लॉक पथ में करीब 150 वृक्षों का ट्रांसलोकेशन किया जाना है।इस काम के लिए हैदराबाद की एक कंपनी को लगाया गया है।

इस कंपनी ने देश के विभिन्न भागों में करीब नौ हजार से अधिक वृक्षों का ट्रांसलोकेशन किया है। वृक्षों का ट्रांसलोकेशन 5 मीटर गर्त तक किया जाना है ।साथ हीं कंपनी द्वारा 1 साल तक वृक्षों का संधारण भी किया जाना है।

ट्रांसलोकेशन की प्रक्रिया

ट्रांसलोकेशन से पहले वृक्षों की लंबी टहनी को काटा जाता है।उसके बाद जड़ की परिधि के चार गुणा में जड़ों की खुदाई कर मोटे जड़ों को संक्रमण से बचाने हेतू उपचार किया जाता है।जड़ों की खुदाई एवं आवश्यक उपचार के बाद मिट्टी सहित जूट कपड़ों से घेराबंदी की जाती है।तब वृक्षों को मशीन की मदद से उठाकर ट्रक पर लादकर दूसरे जगह पर लगाया जाता है।

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