RERA का आदेश न मानना पड़ा भारी, पटना के दो बिल्डरों के खाते सील, प्रोजेक्ट की बिक्री पर भी लगी रोक, रियल एस्टेट कारोबारियों में मचा हड़कंप

RERA का आदेश न मानना पड़ा भारी, पटना के दो बिल्डरों के खाते सील, प्रोजेक्ट की बिक्री पर भी लगी रोक, रियल एस्टेट कारोबारियों में मचा हड़कंप

PATNA : रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा)  की अनदेखी दो बिल्डरों को भारी पड़ गया है। ग्राहकों की शिकायत पर रेरा ने कंपनियों के प्रोजेक्टों की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही कंपनी के निदेशक और कंपनी के खाते भी सीज कर दिए गए हैं। रेरा ने यह कार्रवाई अरुणेंद्र डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और शिबा वेलकन के खिलाफ की है

बताया गया कि रेरा इन कंपनियों के सभी प्रोजेक्टों में बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इन कंपनियों के खिलाफ कुछ ग्राहकों ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद रेरा की तरफ से इनको कुछ दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा गया था, लेकिन इन कंपनियों ने आदेश का पालन नहीं किया जिसके बाद यहाकार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में अरुणेंद्र डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों पंकज कुमार, चंदन कुमार और उपेंद्र मंडल के खातों को सीज किया गया है। वहीं पटना, फुलवारी शरीफ दानापुर के उपनिबंधक के जगनारायण एनक्लेव में संपत्ति के निबंधन पर भी रोक के लिए आदेश जारी किए गए हैं। मामले में अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होने की बात कही गई है।

 इसी तरह शिबा वेलकन बिल्डर और उसके निदेशक अमीना राशिद खालिद रशीद का खाता भी रेरा ने फ्रीज कर दिया है। कंपनी की सारी संपत्ति उसके प्रोजेक्ट राजेश्वर अपार्टमेंट की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई। इस मामले में अगली सुनवाई 10 मई को की जाएगी।

बता दें कि रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी लगातार बिल्डरों पर कार्रवाई कर रही है। जिससे इस फिल्ड में मनमाने तरीके से ग्राहकों को ठगने की कोशिश कर रहे कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। अब तक बिना किसी दखल के लोगों को चूना लगाने का काम कर रहे इन बिल्डरों को यह बात पसंद नहीं आ रही है कि कोई सरकारी विभाग उनके काम में रोकटोक करे। दोनों कंपनियों द्वारा निर्देश नहीं मानना इसी मनमानी का हिस्सा है।

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