BIHAR NEWS: श्री राजपूत करणी सेना की आक्रोश यात्रा, मधुबनी कांड पर सरकार के रवैये से हैं नाराज

BIHAR NEWS: श्री राजपूत करणी सेना की आक्रोश यात्रा, मधुबनी कांड पर सरकार के रवैये से हैं नाराज

DESK: मधुबनी कांड को लेकर श्री राजपूत करणी सेना काफी आक्रोशित है. जदयू विधान पार्षद सह करणी सेना के संरक्षक रणविजय कुमार सिंह के सरकारी आवास से सभी मधुबनी के लिए रवाना हो गए हैं. इस यात्रा को आक्रोश यात्रा का नाम दिया गया है, जिसका नेतृत्व करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और बिहार प्रदेश अध्यक्ष बी.के. सिंह कर रहे हैं. आक्रोश यात्रा में बिहार समेत अन्य कई प्रदेशों के श्री राजपूत करणी सेना के सैकड़ो पदाधिकारी शामिल हुए हैं. सभी ने एक स्वर में मधुबनी की घटना की निंदा की और कहा कि क्षत्रियों के साथ ऐसे जघन्यता बर्दाश्त नहीं की जा सकती है.

आक्रोश यात्रा से पहले प्रेस वार्ता में संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और बिहार प्रदेश अध्यक्ष बी.के. सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि मधुबनी की घटना से पूरे राष्ट्र के क्षत्रिय दुखी हैं. इसलिए यह आक्रोश यात्रा पटना से मधुबनी तक निकाला जा रहा है. इस यात्रा में देश भर से आये श्री राजपूत करणी सेना के पदाधिकारी समेत क्षत्रिय समाज के हजारों लोग शामिल हो रहे हैं. हम मधुबनी जाकर सर्वप्रथम नरसंहार पीड़ितों से मुलाकात करेंगे और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे. साथ इस तरह की घटनाओं को कैसे रोका जाए, उस पर विचार विमर्श करेंगे. खासकर क्षत्रिय समाज पर हो रहे इस तरह के हमले बर्दाश्त करने लायक नहीं हैं. हम ऐसे कैसे रोके इस पर चर्चा करेंगे.


उन्होंने इस जघन्य मामले में सरकार और प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़े किए और कहा कि पहले तो शासन और प्रशासन के द्वारा कुछ किया नहीं गया, उल्टे जिनके घरों में इतनी बड़ी वारदात हुई, उसकी लाइसेंसी हथियार भी पुलिस ने जब्त कर रखी है. उन्होंने कहा कि श्री राजपूत करणी सेना मधुबनी घटना की कड़ी निंदा करती है और इस हृदयविदारक घटना में अनाथ हुए बच्चे- बच्चियों की शिक्षा, उनके विवाह समेत अन्य आवश्यक चीजों के लिए इन परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। इसके साथ ही हम सरकार से मांग करते हैं कि वह इस घटना के पीड़ितों के परिवार से एक-एक आदमी को नौकरी दे या फिर कम से कम एक करोड़ का मुआवजा दें ताकि इनका जीवन यापन हो सके. इसके अलावा पकड़े गए हत्यारों का स्पीडी ट्रायल कर उन्हें फांसी पर लटकाया जाए.

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