बेतिया नगर परिषद् के सभापति की बच गयी कुर्सी, हाईकोर्ट ने अविश्वास प्रस्ताव को बताया अवैधानिक

बेतिया नगर परिषद् के सभापति की बच गयी कुर्सी, हाईकोर्ट ने अविश्वास प्रस्ताव को बताया अवैधानिक

BETTIAH : पश्चिम चम्पारण के बेतिया नगर परिषद की निवर्तमान सभापति गरिमा देवी सिकारिया पर लगे अविश्वास को अवैध बता हाइकोर्ट ने रद्द कर दिया है। इसके बाद उन्हें पद पर बहाल कर दिया गया है। इसकी जानकारी गरिमा देवी सिकारीया की ओर से दी गयी है। साथ ही बताया की अविश्वास लगाने, बैठक बुलाने व पद से हटाने की पूरी प्रक्रिया को हाईकोर्ट ने पूर्णतया अवैधानिक बताया है। सिकारिया ने बताया की उपसभापति कयूम ने एक अवैध वोट को अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में गिनकर सभापति गरिमा को पद से हटाया था। उन्होंने कहा की करोड़ों रुपयों की बन्दरबांट के लिए गिरोह बना कर अविश्वास प्रस्ताव लाया था।

अविश्वास प्रस्ताव के समय रिकॉउंटिंग होने पर फर्जीवाड़े की पोल खुल जाने की डर से कपड़े उतारकर विरोधियों ने नंगा नाच किया था। आठ माह से भी ज्यादा चले विचारण के बाद नगर परिषद (अब निगम) की सभापति गरिमा देवी सिकारिया पर अविश्वास लगाने, विशेष बैठक बुलाने और अविश्वास को पारित करने की पूरी प्रक्रिया को हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाले बेंच ने अवैधानिक बताकर रद्द करते हुये उन्हें पद पर पुनः बहाल कर दिया है। हालांकि प्रोन्नत नगर निकायों के बोर्ड को सरकार द्वारा भंग कर देने के एक अन्य मुकदमे का फैसला आने के बाद ही गरिमा देवी सिकारिया अपनी कुर्सी पुनः सम्भाल पाएंगीं। 

हाईकोर्ट का ऑर्डर जारी होने के बाद प्रेस वार्ता में सिकारिया ने कोर्ट के आदेश की प्रति जारी करने के साथ उपरोक्त फैसले की जानकारी दी है। सिकारिया ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है परन्तु पराजित नहीं हो सकता है। लेकिन, करीब 11 माह की अथक लड़ाई के बाद मिली न्याय की जीत वास्तव में नगर निगम क्षेत्र के समस्त जनता जनार्दन की जीत है। इस मौके पर एक दर्जन से अधिक महिला पार्षद व पुरुष पार्षद उपस्थित रहे।

बेतिया से आशीष कुमार की रिपोर्ट

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