चक दे इंडियाः हॉकी में भारत ने रचा इतिहास, महिला टीम ने 1-0 से तीन बार के चैंपियन को हराकर मारी सेमीफाइनल में एंट्री

चक दे इंडियाः हॉकी में भारत ने रचा इतिहास, महिला टीम ने 1-0 से तीन बार के चैंपियन को हराकर मारी सेमीफाइनल में एंट्री

DESK: टोक्यो ओलंपिक के 11वें दिन भारत की महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। हमारी टीम पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारत ने क्वार्टर फाइनल में 3 बार की ओलिंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हरा दिया। भारत की गुरजीत कौर 22वें मिनट में गोल दाग टीम को 1-0 की लीड दिलाई थी। उन्होंने डायरेक्ट फ्लिक से गोल किया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार ड्रैग फ्लिक से गोल गंवाया।

मैच में भारतीय महिला टीम ने अच्छी शुरुआत की। हालांकि पहले क्वार्टर में भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही टीमें गोल नहीं कर सकीं। 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गुरजीत कौर ने गोल करके भारतीय टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हाफ टाइम तक स्कोर यही रहा। तीसरे क्वार्टर में भी कोई गोल नहीं हुआ और भारतीय टीम 1-0 से आगे रही। चौथे क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने जोरदार हमले किए और लगातार दो कॉर्नर भी हासिल किए। उसे मैच में कुल 9 पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह इस पर गोल नहीं कर सकी। भारतीय टीम को सिर्फ एक कॉर्नर मिला और उसने इस पर गोल करके जीत पक्की की।भारत की ओर से गुरजीत कौर मे दागा गोल

भारत की तरफ से एकमात्र गोल गुरजीत कौर ने दागा। भारतीय टीम पूरे मैच में कंगारूटीम पर हावी रही और लगातार अटैकिंग गेम को जारी रखा। कप्तान रानी रामपाल की अगुवाई में भारतीय टीम ने 41 साल में पहली बार ओलंपिक खेलों के क्वार्टर फाइनल में अपना जगह बनाई थी।भारतीय महिला टीम का ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1980 में मास्को ओलंपिक में रहा, जहां वह सेमीफाइनल में पहुंची थी लेकिन आखिर में उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था।


वहीं इसके अलावा पुरूष हॉकी की बात करें तो रविवार को भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराकर 49 साल बाद ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल का टिकट कटाया। रविवार को भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराकर 49 साल बाद ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल का टिकट कटाया। टीम की ओर से से दिलप्रीत सिंह ने 7वें, गुरजंत सिंह ने 16वें और हार्दिक सिंह ने 57वें मिनट में गोल किया। वहीं, बैडमिंटन में पीवी सिंधु ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरे ओलंपिक में मेडल अपने नाम किया। सिंधु नेचीन की ही बिंग जियाओ को सीधे गेममें 21-13, 21-15 से मात देकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा किया।

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