नौजवानों से धोखा ! नीतीश-तेजस्वी पुराने 'स्टाफ' को ही आज बांट रहे नियुक्ति पत्र, 2 अगस्त को ही 4325 राजस्व कर्मियों को मिली थी ज्वाइनिंग

नौजवानों से धोखा ! नीतीश-तेजस्वी पुराने 'स्टाफ' को ही आज बांट रहे नियुक्ति पत्र, 2 अगस्त को ही 4325 राजस्व कर्मियों को मिली थी ज्वाइनिंग

PATNA: बिहार में सरकारी नौकरी देने की राजनीति चल रही है। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने 10 लाख की बात छोड़िए 20 लाख लोगों को नौकरी देने की घोषणा कर दी है। ऐसे में अब नई तरकीब निकाली गई है। पुरानी नौकरियों को ही फिर से भुनाया जा रहा है। जो लोग सरकारी सेवा में आ गये,फिर उन्हें नये सिरे से सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव नियुक्ति पत्र बांटने जा रहे हैं. माहौल बनाने के लिए बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया है। बिहार भर में प्रसारण के लिए लाखों रू विज्ञापन पर खर्च किये गये हैं. लाईव प्रसारण के लिए बिहार के दो रिजनल चैनल से करार किया गया है। ताकि माहौल बनाया जा सके। इधर,नियुक्ति पत्र बांटने से ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की पोल खुली है। कार्यक्रम से ठीक पहले नीतीश कैबिनेट के पूर्व मंत्री ने पोल-पट्टी खोल कर रख दी है. 1 महीने 10 दिन पहले तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रहे रामसूरत राय ने नीतीश सरकार की नौकरी वाली हांडी चूल्हे पर चढ़ने से पहले ही फोड़ दी है। 

बिहार के बेरोजगारों से छलावा ! 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पूर्व मंत्री रामसूरत राय ने आज बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार में वर्तमान में महागठबंधन की नहीं बल्कि महाठगबंधन की सरकार चल रही है। मौजूद सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव नौकरी देने के नाम पर राज्य की जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में जिन 4325 नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र बांटने की बात कही जा रही है, उनका मैंने, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रहने के दौरान, 2 अगस्त 2022 को जिलावार आबंटन, रैंडम कम्प्यूटर माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया था। उसी दिन उसे राजस्व विभाग के वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया था। बाद में संबंधित जिलाधिकारियों ने  उन नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया था। अभी ये सभी 4325 राजस्व कर्मचारी अपने आवंटित अंचल कार्यालय में कार्यरत हैं। 

रामसूरत राय का बड़ा खुलासा 

रामसूरत राय ने कहा कि ऐसे में कार्यरत राजस्व कर्मचारियों को फिर से नियुक्ति पत्र सौंपने का ढोंग करके मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों ही, सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी कर रहे हैं। उनके इस खेल से यह भी स्पष्ट है कि 10 लाख नौकरी देने का वादा, वे लोग कैसे पूरा करेंगे? हो सकता है कि आने वाले दिनों में, विभिन्न विभागों में चार-पांच साल पहले से कार्यरत कर्मचारियों को भी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव फिर से नियुक्ति पत्र बांट कर, राज्य के बेरोजगारों पर अपनी कृपा बरसाएंगे।उन्होंने नीतीश और तेजस्वी पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य के युवाओं के साथ 10 लाख और 20 लाख नौकरी देने का वादा नहीं बल्कि पाखंड किया है। आप दोनों को अपने इस ढोंग के लिए अपनी गलती स्वीकार करते हुए, राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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