मणिपुर में 5 विधायक गंवाने के बाद आगबबूला हुए सीएम नीतीश, विपक्षी दलों से मांगी बड़ी मदद

मणिपुर में 5 विधायक गंवाने के बाद आगबबूला हुए सीएम नीतीश,  विपक्षी दलों से मांगी बड़ी मदद

पटना. मणिपुर के जदयू विधायको को तोड़ने के मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि देश की जनता देख रही है कि कौन क्या कर रहा है. भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि दूसरे दलों के लोगों तोड़ना संवैधानिक काम है क्या? उन्होंने कहा कि भाजपा के एक नए ढंग का काम कर रही है. दूसरे दलों के नेताओं को पकड़कर अपने दल में शामिल कर रहे हैं. नीतीश ने कहा कि एनडीए से अलग होने के निर्णय के पूर्व भी मणिपुर के विधायकों को इसकी जानकारी दी गई थी. उन्होंने तीन दिन पहले भी कहा था कि 3 और 4 स्तिम्बर को पटना आएंगे. लेकिन भाजपा ने उन्हें पकड़कर अपने खेमे में कर लिया है. 

विपक्षी एकता आ आह्वान करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि हम विपक्ष के सभी दलों से एकजुट होने का आह्वान करते हैं. सभी विरोधी दल एकजुट होंगे तो देश के परिणाम अगल होंगे. लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है. इसलिए सभी विपक्षी दलों को 2024 एक साथ आने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि वे समय आने पर दिल्ली जाएंगे. 

इसके पहले जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह भी जमकर बरसे थे. उन्होंने कहा कि धनबल से जदयू के विधायकों को तोडा गया. ललन सिंह ने कहा कि अगर विपक्षी विधायकों को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री की पार्टी धनबल का प्रयोग कर रही है तो यह उनका सदाचार है. वहीं विपक्षी पार्टी अगर एक मंच पर आ रही है तो यह भ्रष्टाचार है. जितने दागी लोग बीजेपी में चले जाएं तो वह साफ-सुथरे और धुले हुए हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि 2024 में जदयू राष्ट्रीय पार्टी बनेगी चाहे बीजेपी इसे रोकने के लिए कितनी भी कोशिश कर ले.

दरअसल, मणिपुर में जदयू के 6 में से 5 विधायकों ने अचानक से शुक्रवार को भाजपा का दामन थाम लिया. मणिपुर में जदयू से भाजपा में जाने वाले विधायकों में जॉयकिसन सिंह, नगुरसंगलुर सनाटे, अचब उद्दीन, थंगजाम अरुण कुमार और एलएम खौटे हैं. इनमें खौटे और अरुणकुमार ने विधानसभा चुनाव के समय पहले भाजपा से चुनाव लड़ने की मांग की थी, लेकिन पार्टी द्वारा ठुकराए जाने के बाद वे जदयू में शामिल हो गए. इसी तरह चुनाव से ठीक पहले जॉयकिसन जद (यू) में शामिल हो गए थे. 2017 में जॉयकिसन ने भाजपा से कांग्रेस में प्रवेश किया. चुनाव से पहले वह कांग्रेस से निलंबन के बाद जद (यू) में शामिल हो गए और विधायक बन गए. लेकिन अब ये सब जदयू को छोड़ भाजपा में चले गए हैं. 


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