सीएम नीतीश के बयान से भूचाल, कहा- लालू जी चाहें तो गोली मरवा दें, आखिर क्यों कहा ऐसा, पढ़िये पूरी खबर

सीएम नीतीश के बयान से भूचाल, कहा- लालू जी चाहें तो गोली मरवा दें, आखिर क्यों कहा ऐसा, पढ़िये पूरी खबर

पटना. बिहार में दो सीटों पर विधानसभा का उपचुनाव हो रहा है. इस बीच सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है. विधानसभा के उपचुनाव के प्रचार के बाद पटना लौटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू यादव के विसर्जन वाले बयान पर प्रतिक्रिया दिया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विसर्जन की बात छोड़िए, लालू जी चाहें तो गोली ही मरवा दें..

बता दें कि लालू यादव ने नीतीश सकार पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि वह बिहार की नीतीश सरकार का विसर्जन करने के लिए दिल्ली से बिहार आए हैं. इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव प्रचार से लौटने के बाद पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से कहा विसर्जन की बात तो छोड़िये लालू जी चाहें, तो गोली ही मरवा दें.

साथ ही नीतीश कुमार ने दोनों विधानसभाओं में चुनाव प्रचार के बाद कहा कि जनता का मूड उनके समर्थन में है और दोनों जगहों पर एनडीए की जीत हो रही है. वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू यादव के चुनाव प्रचार को लेकर कहा कि लालू जी जाए चुनाव प्रचार के लिए, किसी ने रोका तो नहीं है.

नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद पर तंज कसते हुए कहा, '15 साल इनको काम करने का मौका मिला, कितने लोगों को रोजगार दिया. आज सारी महिलाओं को 500000 का अनुदान बिना टैक्स का दिया जा रहा है. कौन सी ऐसी बात है, जहां पर काम नहीं हो रहा है. डॉक्टर कितने बहाल हो रहे हैं, देख रहे हैं न. कितना विकास हो रहा है, इन लोगों को कुछ पता है, बात करते हैं!'

सीएम नीतीश ने कहा, 'अपने लोगों से जो बोलवाता है उनको पता है उनको मालूम है कि अब पुलिस में भी कितनी महिलाएं हैं. इन लोगों के समय तो कुछ नहीं हुआ. आज बिहार पुलिस बल में कितनी महिलाएं हैं। यह कैसे हुआ। महिला इन लोगों के समय किस हाल में थी. हम लोगों ने आरक्षण दिया. बिहार में सारा काम चल रहा है. कोरोना का दौर धीरे-धीरे खत्म हो जाए और तेजी से सारा काम बिहार में होगा.'

सीएम नीतीश ने कहा, 'कुछ लोगों को तो कुछ काम से मतलब है नहीं, अंदर रहना है वहीं से सब को फोन करना है. ऐसे लोगों का क्या है जवाब तो दें. 15 साल में क्या किया? कितना सड़क बनाया? बिजली का क्या किया? क्या स्कूल में पढाया गया. क्या स्थिति थी अनुसूचित जाति की, जनजाति की, अति पिछड़ों की, अल्पसंख्यक समुदाय की. कितने लोगों को यहां से भगाए थे, व्यापार करने वाले लोगों को इलाज करने वाले लोगों का बस बोलते रहना काम है.'



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