जारी है खींचतानः RCP के आगमन को कुशवाहा ने बताया रूटीन वर्क, कार्यक्रम में नहीं होंगे शामिल, कहा- सबकी उपस्थिति जरूरी नहीं

जारी है खींचतानः RCP के आगमन को कुशवाहा ने बताया रूटीन वर्क, कार्यक्रम में नहीं होंगे शामिल, कहा- सबकी उपस्थिति जरूरी नहीं

PATNA: देश के अलावा बिहार में जदयू के लिए आज का दिन काफी बड़ा है। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद आरसीपी सिंह पहली बार पटना आने वाले हैं। इसको लेकर बीते एक हफ्ते से ही जोर शोर से तैयारियां की जा रही हैं। इसी बीच बात करेंगे जिले के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की, जिन्होंने बड़े कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का मन बना लिया है।

चौथे चरण की यात्रा पर निकलेंगे कुशवाहा

उपेंद्र कुशवाहा ने जानकारी दी कि उनके चौथे चरण की बिहार यात्रा की शुरुआत हो रही है और वह इस को लेकर प्रतिबद्ध हैं। चौथे चरण की यात्रा में उपेंद्र कुशवाहा जहानाबाद, गया, अरवल और औरंगाबाद जाएंगे। उनका कहना है कि पार्टी की तरफ से ही उन्हें बिहार यात्रा की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है। वह पहले से ही 12 से ज्यादा जिलों का दौरा कर चुके हैं और उनका अभियान जारी है। 

पार्टी के आज के कार्यक्रम को बताया रूटीन वर्क

सीधे और सधे शब्दों में उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि आज का दिन देश में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के तौर पर मनाया जाता है। हमारी तरफ से भी उन्हें पुष्प सुमन सहित श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इसके अलावा बिहार में जितनी भी तरह की अन्य गतिविधियां चल रही है, वह रूटीन वर्क है। इसका तात्पर्य यह है कि बिहार में तमाम तरह की राजनीतिक गतिविधियों सहित आरसीपी सिंह के स्वागत कार्यक्रम को उन्होंने रूटीन वर्क करार देकर कहा कि इसमें कुछ खास नहीं है। यह सब होता रहता है।


स्वागत समारोह में शामिल होने पर कही बड़ी बात

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि भले ही पार्टी का आज का कार्यक्रम काफी बड़ा और महत्वपूर्ण है, मगर उसमें सब की शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। यह पार्टी का काम है। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद आरसीपी सिंह पहली बार पटना आ रहे हैं, तो जाहिर है उनका भव्य तरीके से स्वागत होगा ही। पार्टी में लगभग 25 लाख सदस्य हैं और सभी का इस कार्यक्रम में शामिल होना जरूरी नहीं है।

मीटिंग औऱ स्वागत कार्यक्रम में समझाया अंतर

इससे पहले एक बार उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी बिहार यात्रा को स्थगित किया था। यात्रा स्थगित कर वह जदयू की मीटिंग मेँ शामिल होने गए थे। आज की यात्रा और पार्टी के कार्यक्रम को लेकर उन्होनें कहा कि मीटिंग में शमिल होना अलग है, वहां रहना अनिवार्य होता है। उस तरह के कार्यक्रम में पूर्व निर्धारित दूसरे कार्यक्रम आगे बढ़ाए जाते हैं। वहीं यह एक अलग तरह का कार्यक्रम है। इसकी तुलना मीटिंग से ना करें।

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