CORONA POLITICS : पप्पू यादव से क्यों परेशान है नीतीश सरकार, सुनवाई के लिए रात 11 बजे खुला कोर्ट, भेजे 14 दिन के न्यायिक हिरासत में

CORONA POLITICS : पप्पू यादव से क्यों परेशान है नीतीश सरकार, सुनवाई के लिए रात 11 बजे खुला कोर्ट, भेजे 14 दिन के न्यायिक हिरासत में

PATNA/MADHEPURA : 32 साल पुराने मामले में गिरफ्तार पप्पू यादव के लिए सरकार ने सारे हदें पार कर दी है। आम तौर पर बिहार में ऐसा नहीं होता है, लेकिन पप्पू यादव के मामले में रात 11 बजे कोर्ट खोला गया, सुनवाई हुई और रातों रात उन्हें 14 दिन के रिमांड में भेज दिया गया। रात के लगभग 10:50 बजे 30 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ पप्पू यादव को मधेपुरा कोर्ट लाया गया. पप्पू यादव की पेशी के लिए रात 11 बजे मधेपुरा सिविल कोर्ट को खोला गया.  कोर्ट के कर्मचारी अपने कार्यालय पहुंचे जहां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पप्पू की पेशी हुई. पेशी के दौरान उन्होंने कोर्ट के सामने अपनी बीमारी का भी हवाला बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की मांग की. 

सुपौल जेल किए शिफ्ट

पप्पू यादव की पेशी को लेकर बड़ी संख्या में जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गयी थी, फिर भी सैकड़ों समर्थक रात के अंधेरे में जगह-जगह डटे दिखे. न्यायिक दंडाधिकारी सुरभि श्रीवास्तव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पूर्व सांसद को रिमांड टू जेल का आदेश देते हुए 14 दिन के न्यायिक हिरासत में बीरपुर (सुपौल) जेल भेज दिया और बेहतर इलाज की व्यवस्था का भी आदेश दिया. रात में करीब 12 बजे प्रशासन उन्हें बीरपुर जेल लेकर चली गई.

लोगों की मदद कर सरकार को बचाने का फल

गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने मीडिया को बात करते हुए कहा कि मुझे भाजपा के इशारे पर गहरी साजिश के तहत जेल भेजा जा रहा है, मैंने पिछले डेढ़ महीने से नीतीश कुमार की ही मदद की लोगों को बचा कर. मैं नीतीश कुमार से पूछना चाहता हूं कि आखिर जो मामला हाई कोर्ट में लंबित है, उस मामले में कोरोना काल मे गिरफ्तारी क्या जरूरी थी ?

समर्थकों ने किया हंगामा

इससे पहले जन आधिकार पार्टी प्रमुख पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. पुलिस पप्पू यादव को गांधी मैदान थाने से मधेपुरा ले जा रही थी इस दौरान उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस काफिले को रोक लिया.

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