BPSC पेपर लीक कांड के आरोपी DSP को कोर्ट ने दी जमानत, आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत जाएगी EOU

BPSC पेपर लीक कांड के आरोपी DSP को कोर्ट ने दी जमानत, आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत जाएगी EOU

पटना. 67वीं बीपीएससी पेपर लीक कांड में आरोपी डीएसपी रंजीत कुमार रजक को कोर्ट ने जमानत दे दी है। अब इस जमानत के खिलाफ ईओयू ऊपरी अदालत की रूख करेगी। इसकी जानकारी ईओयू ने दी है।

इस पेपर लीक कांड में संलिप्तता पाए जाने पर बिविसपु-14 के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक रंजीत कुमार रजक को भी ईओयू ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद 12 जुलाई को इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। अभियुक्त की ओर से 60 दिनों की अवधि पूर्ण होने के बाद दप्रसं की धारा-167 (2) के अन्तर्गत न्यायालय में 13 अगस्त को जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया गया। न्यायालय ने रजक की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए 13 अगस्त को ही जमानत पर मुक्त करने का न्यायादेश पारित कर दिया।

इस मामले में कोर्ट ने शालिनी वर्मा इत्यादित विरूद्ध स्टेट ऑफ छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश को आधार मानते हुए भादवि की धारा 467 में अभियुक्त के न्यायिक अभिरक्षा में निरूद्ध होने की अवधि 60 दिन मानते हुए अभियुक्त को जमानत प्रदान की है। बता दें कि धारा 467 भादवि में आजीवन कारावास या 10 वर्षों तक के कारावास एवं दण्ड के सजा का प्रावधान है।

वहीं पूर्व से इस आधार पर निरूद्ध किये जाने की अवधि 90 दिन मानते हुए अनुसंधानकर्ता द्वारा 90 दिन के पूर्व न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया है। आर्थिक अपराध इकाई इस न्यायादेश के विरूद्ध विधिवत रिविजन में जाने का निर्णय लिया है।

 

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