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G20 से भी बड़े सम्मेलन का गवाह रहा है दिल्ली, 40 साल पहले हुआ था 7वां गुटनिरपेक्ष सम्मेलन, 101 देशों के प्रतिनिधि और 60 राष्ट्राध्यक्ष आए थे भारत

G20 से भी बड़े सम्मेलन का गवाह रहा है दिल्ली, 40 साल पहले हुआ था 7वां गुटनिरपेक्ष सम्मेलन, 101 देशों के प्रतिनिधि और 60 राष्ट्राध्यक्ष आए थे भारत

DESK. भारत ने G20 देशों के शिखर सम्मेलन के आयोजन की मेजबानी कर एक नया इतिहास कायम किया है. दुनिया 20 शीर्ष देशों के प्रमुख इन दिनों दिल्ली में हैं और 9 -10 सितम्बर तक दिल्ली में भारत मंडपम में भव्य आयोजन चल रहा है. भले ही इस आयोजन में दुनिया के 20 प्रमुख देशों ने शिरकत की हो लेकिन भारत को इससे भी बड़े आयोजन की मेजबानी करने का गौरव प्राप्त है. 40 साल पहले देश की राजधानी दिल्ली में इसी प्रकार का विशाल आयोजन हुआ था. यानी गुटनिरपेक्ष सम्मेलन की मेजबानी वर्ष 1983 में भारत ने की और इसे दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में एक माना जाता है. इसमें एक साथ करीब 101 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था. यहां तक कि 60 देशों के राष्ट्रध्यक्ष भी तब दिल्ली आए थे. 

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 7 से 12 मार्च 1983 तक इस आयोजन के लिए दिल्ली में बड़ी तैयारी की थी. सातवां गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन यानी NAM Summit-1983 में करीब 4,000 विदेशी मेहमान भारत आए थे. इसमें 60 राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों समेत करीब 101 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. विज्ञान भवन में बैठक का आयोजन हुआ था. बैठक को कवर करने के लिए 1700 से अधिक विदेशी और भारतीय पत्रकार आए थे. 


उस समय विदेशी मेहमान भारत की अच्छी छवि लेकर लौटे यह सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल जगमोहन की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था. इस कमेटी ने NAM Summit-1983 को ध्यान में रखते हुए दिल्ली नगरपालिका की मदद से दिल्ली के कायाकल्प की शुरुआत की. दिल्ली के सौंदर्यीकरण, सड़कों को सुंदर और सुगम बनाने के लिए मरम्मत का काम, स्ट्रीट लाइट्स को दुरुस्त करना, बाग- बगीचे की खूबसूरती आदि के विशेष काम किए गए जिससे वर्षों तक दिल्ली की खूबसूरती बनी रही. वहीं अलग-अलग देशों के हेड ऑफ स्टेट, हेड ऑफ गवर्नमेंट और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के ठहरने के लिए दिल्ली के चार फाइव स्टार होटल को चुना गया था. 

उस आयोजन की मेजबानी से सारे विदेशी आगंतुकों ने भारत की सराहना की थी. यहां तक कि पाकिस्तान ने भी दिल खोलकर भारत की तारीफ की थी. पाकिस्तान के राष्ट्रपति जिया उल हक ने इंदिरा गांधी को पत्र लिखकर भारत की मेजबानी की तारीफ की थी. 14 अप्रैल, 1983 को जिया ने इंदिरा को लिखा था, “मैं गुटनिरपेक्ष आंदोलन के अब तक के सबसे बड़े शिखर सम्मेलन की महान सफलता के लिए महामहिम (इंदिरा गांधी) को अपनी व्यक्तिगत बधाई भी देना चाहता हूं. गौरतलब है कि NAM की स्थापना पांच देशों के नेताओं (इंडोनेशिया के सुकर्णो, भारत के जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज़ टीटो, मिस्र के गमाल अब्दुल नासिर और घाना के क्वामे नक्रूमा) ने की थी.

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