डिप्टी CM तारकिशोर प्रसाद की खरी-खरीः प्रजातंत्र में जनता ही मालिक, प्रशासन का संवेदनशील होना बेहद जरूरी

डिप्टी CM तारकिशोर प्रसाद की खरी-खरीः प्रजातंत्र में जनता ही मालिक, प्रशासन का संवेदनशील होना बेहद जरूरी

PATNA: मंगलवार को ‘जनता के दरबार में उपमुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में अपनी समस्याओं को लेकर 150 से भी अधिक फरियादी पहुंचे। यह कार्यक्रम देशरत्न मार्ग स्थित आवासीय कार्यालय में आयोजित किया गया। फरियादियों ने पहुंचकर उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद को अपनी समस्याओं के विषय में बताया। उन्होनें एक-एक करके सभी फरियादियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली एवं संबंधित पदाधिकारियों से फोन पर बात कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

‘जनता के दरबार में उपमुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में आने वाली मुख्य समस्याओं पर चर्चा करें तो पटना जिला रजक समिति के महामंत्री रामविलास प्रसाद, विजय कुमार रजक सहित विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर राजधानी पटना में निर्मित 6 धोबी घाटों के जीर्णोद्धार हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उपमुख्यमंत्री ने पटना के नगर आयुक्त एवं जिलाधिकारी से इस संबंध में जानकारी ली तथा तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अन्य मामले में साहू रोड, मुजफ्फरपुर से आए बिहार आचार्य कल्याण परिषद् के अनुव्रत रोशन, मनीष कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर आचार्य ब्राह्मण, महा ब्राह्मण, महापात्र ब्राह्मण, कंटाहा ब्राम्हण जाति की विपन्नता की स्थिति को देखते हुए जीवन जीविका की समानता एवं आरक्षण कोटि में शामिल करने का अनुरोध किया। उपमुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी से संबंध में वस्तुस्थिति की जानकारी ली। तीसरे मामले की बात की जाए तो पश्चिम चंपारण की बगहा से आई सुगांती कुशवाहा ने घर के ऊपर से गुजर रहे 11000 वोल्ट के बिजली के तार को हटाने हेतु आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया। 

पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत हरसिद्धि के सिसवां मलदहिया गांव से आई 66 वर्षीय रमापति देवी ने गांव के दबंग पट्टीदार एवं ग्रामीणों द्वारा तंग करने एवं झूठे मुकदमे में फंसा कर परेशान करने की समस्या बतायी। रमापति देवी ने कहा कि वे अपने पिता के चल-अचल संपत्ति पर उक्त गांव में कायम है, परंतु पट्टीदार एवं ग्रामीणों द्वारा उन्हें तंग तबाह कर गांव छोड़कर भगाने की साजिश की जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने तत्काल पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक को संबंधित मामले की तहकीकात कर बुजुर्ग महिला को आवश्यक मदद दिलाने का निर्देश दिया। इसके अलावा पटना के पथरीघाट से आए लाल बाबू प्रसाद ने पारिवारिक विवाद के निपटारे में स्थानीय थाना से मदद दिलाने गुहार लगाई। पटना के ही जितेंद्र कुमार, अशोक कुमार यादव ने आग्रह किया कि कांटी फैक्ट्री रोड, कंकड़बाग के ग्रीनपार्क का अधिग्रहण कर आवश्यक रख-रखाव हेतु व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। "अनुदान नहीं वेतनमान फोरम" के प्रांतीय संयोजक रोशन कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर वित्त रहित शिक्षा और विषमतापूर्ण अनुदान नीति से प्रभावित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के कल्याण हेतु  उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड सहित अन्य राज्यों में संचालित इस कोटि के शैक्षणिक संस्थान में प्रदत वेतनमान एवं अन्य सुविधाओं को बिहार में भी लागू कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से आवश्यक विचार विमर्श के उपरांत समुचित निर्णय लिया जाएगा।

इसके अलावा आज के जनता दरबार में आने वालों में मदन प्रसाद सिंह, शिवकुमार, अजय लाल, राम श्रेष्ठ रजक, सुरेश प्रसाद सिंह, मनिंदर सिंह, दिनेश नारायण मलिक, अंजू देवी, राम नरेश झा, सनोज ठाकुर, अशोक कुमार सिन्हा, राजकुमार दिनकर, आरती श्रीवास्तव, लाल बिहारी सिंह, गनौरी रजक, दीपक कुमार सहित 150 से भी अधिक फरियादी शामिल रहे, जिनकी समस्याओं को सुनकर उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर बात की एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के पश्चात उपमुख्यमंत्री ने कहा कि "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास" हमारी अवधारणा रही है। न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में बिहार ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने साफ करते हुए कहा कि ‘प्रजातंत्र में जनता ही मालिक है। संवेदनशील एवं जनापेक्षी प्रशासन काफी जरूरी है’। यानी कि जो जनप्रतिनिधि जनता के हित में कार्य नहीं करेंगे, उनको आगे मौके नहीं मिलेंगे। जनता के दरबार में लोगों से रू-ब-रू होने पर सरकारी क्रियाकलाप की धरातलीय स्थिति को जानने का मौका मिलता है। हमारा प्रयास है कि हम लोगों की परेशानियों एवं समस्याओं को सुनकर उसका निदान कर पाएं। उन्होंने कहा कि   स्थानीय स्तर पर हमारे प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को भी संवेदनशील भावनाओं के साथ जनापेक्षी एप्रोच के साथ काम करना चाहिए।

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