देश में पहली बार किसी महिला को मिलेगी फांसी की सजा, बक्सर से मंगाई गई रस्सी, सिर्फ तारीख का है इंतजार

देश में पहली बार किसी महिला को मिलेगी फांसी की सजा, बक्सर से मंगाई गई रस्सी, सिर्फ तारीख का है इंतजार

लखनऊ। देश ने कई लोगों को फांसी की सजा पाते हुए देखा है, लेकिन इनमें कभी भी किसी महिला को फांसी की सजा नहीं हुई है। अब यह इतिहास बदलने जा रहा है।आजाद भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा  किसी महिला कैदी को फांसी (Gallows) पर लटकाया जाएगा. मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश के एकलौते महिला फांसीघर में अमरोहा की रहने वाली शबनम को मौत की सजा दी जाएगी. इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है. हालांकि फांसी की तारीख अभी तय नहीं है.

आज तक किसी महिला को नहीं हुई फांसी 
गौरतलब है कि मथुरा जेल में 150 साल पहले पहला महिला फांसीघर बनाया गया था. लेकिन आजादी के बाद से अब तक किसी भी महिला को फांसी की सजा नहीं दी गई. हालांकिअभी फांसी की तारीख तय नहीं है. जेल अधीक्षक ने बताया लेकिन हमने तयारी शुरू कर दी है. डेथ वारंट जारी होते ही शबनम को फांसी दे दी जाएगी. इसके लिए बक्सर से फांसी में इस्तेमाल की जानेवाली रस्सी भी मंगा ली गई है।

प्रेमी के साथ परिवार से सात लोगों की कर दी हत्या

गौरतलब है कि अमरोहा की रहने वाली शबनम ने अप्रैल 2008 में प्रेमी के साथ मिलकर अपने सात परिजनों की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शबनम की फांसी की सजा बरकरार रखी थी. राष्ट्रपति ने भी उसकी दया याचिका ख़ारिज कर दी है. लिहाजा अगर सब कुछ ठीक रहा तो आजादी के बाद शबनम पहली महिला कैदी होगी जिसे फांसी पर लटकाया जाएगा. निर्भया के आरोपियों को फांसी पर लटकाने वाले मेरठ के पवन जल्लाद  भी दो बार फांसीघर का निरीक्षण कर चुके हैं. अगर कोई गड़बड़ी नहीं होती है तो यह पहली बार होगा कि देश में किसी महिला को फांसी दी जाएगी।

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