क्यूआर कोड से टीईटी और एसटीइटी प्रमाण पत्रों की शुरू हुई जांच, जल्द ही पकड़े जाएंगे फर्जी अभ्यर्थी

क्यूआर कोड से टीईटी और एसटीइटी प्रमाण पत्रों की शुरू हुई जांच, जल्द ही पकड़े जाएंगे फर्जी अभ्यर्थी

छपरा में फर्जी अभ्यर्थियों के काउंसलिंग में भाग लेने की सूचना के बाद हरकत में शिक्षा विभाग

CHHAPRA : छठे चरण के शिक्षक नियोजन में फर्जी टीईटी- एसटीईटी प्रमाण पत्र के आधार पर बहाल होने को सोच रहे अभ्यर्थियों के लिए अब शामत वाली दिन होगी। अभी तक काउंसलिंग करा चुके और काउंसलिंग कराने के लिए तैयार बैठे प्रखंड और पंचायत शिक्षक नियोजन इकाइयों के अभ्यर्थियों की टीईटी और एसटीइटी प्रमाण पत्रों की जांच अब क्यू आर कोड से होगी । इसके लिए विभाग ने मुख्यालय से उत्तीर्ण टीईटी और एसटीईटी अभ्यर्थियों की सूची मंगा ली है। यह सूची सॉफ्ट और हार्ड कॉपी में है। इतना ही नहीं हर अभ्यर्थी का जो क्यू आर कोड है उसको भी मंगा लिया गया है। 

बताया गया कि क्यूआर कोड से ही फर्जीओं की पहचान आसानी से हो जाएगी । विभाग का यह कदम काफी कारगर साबित हो सकता है और इससे फर्जी डिग्री वालों पर शामत आ सकती है। क्योंकि फर्जी डिग्री मिलने के बाद उन पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। साथ ही उन्हें जेल भेजने की भी तैयारी शुरू हो जाएगी। डीईओ अजय कुमार सिंह की माने तो उन्होंने इस कार्य के लिए डीपीओ स्थापना को प्रतिनियुक्त भी कर दिया है।और काउंसलिंग करा चुके तथा काउंसलिंग कराने वाले अभ्यर्थियों की टीईटी और एसटीईटी प्रमाण पत्रों की जांच भी शुरू कर दी गई है।

फर्जी डिग्रीधारियों में हड़कंप

 यह सूचना जैसे ही फर्जी प्रमाण पत्र पर काउंसलिंग कराने वाले अभ्यर्थियों के बीच पहुंची तो उन में खलबली मच गई है । कई अभ्यर्थी तो मैदान भी छोड़ चुके हैं यानी काउंसलिंग कराने के बावजूद छपरा से फरार हो चुके हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि अब धरपकड़ की कार्रवाई शुरू होगी।

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