दिव्यांग की फरियाद सुनने के लिए खुद बाहर निकले जज...सीढ़ियों पर बैठकर न्याय का दिया आश्वासन...

दिव्यांग की फरियाद सुनने के लिए खुद बाहर निकले जज...सीढ़ियों पर बैठकर न्याय का दिया आश्वासन...

Desk :  दिव्यांग की फरियाद सुनने के लिए जज खुद बाहर तक आ गए। यह अनोखा और शानदार वाकया कर्नाटक के कोलार जिले में देखने को मिला। जज ने परिसर की सीढ़ियों पर बैठकर पीड़ित की बात सुनी और न्याय का आश्वासन दिया।कोलार के मुलबगल के रहने वाले देवराजाचारी समस्या के निवारण के लिए तालुक कानूनी सेवा प्राधिकरण में मुफ्त सहायता की उम्मीद में पहुंचे थे। वह कानूनी प्रकोष्ठ के अधिकारियों के पास पहुंचे। Covid-19 गाइडलाइन्स के अनुसार कोर्ट या फिर लीगल सर्विस सेल में पेश किए गए किसी भी दस्तावेज या फिर याचिका को जज के सामने पेश करने से पहले क्वारंटीन जरूरी है। देवराजाचारी को बताया गया कि तुरंत अनुमोदन नहीं हो सकता है।

न्यायिक मदद का दिया भरोसा .....
दिव्यांग (दृष्टिहीन) देवराजाचारी की अपील पर मामले को जज के संज्ञान में लाया गया, जिसपर प्रिंसपल सिविल जज हाजी हुसैन यदावडा ने खुद बाहर आकर उनकी बात को सुनने का फैसला किया। जज खुद ही देवाराजाचारी के पास सीढ़ियों पर जाकर बैठ गए। उन्होंने कोविड की प्रक्रिया को समझाते हुए कानूनी मदद करने का आश्वासन दिया। सारी बात समझने के बाद देवाराजाचारी जज को धन्यवाद कहते हुए कोर्ट परिसर से चले गए।

'जरूरतमंद लोगों की मदद...'...
इस मामले पर हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में जज यादावडा ने बताया, 'सिविल जज के तौर पर अपने करियर में मेरे सामने ऐसी परिस्थिति कभी नहीं बनी। लीगल सेल अथॉरिटी का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की मदद करना है। देवराजाचारी के मामले में न्याय के लिए कानूनसम्मत कदम उठाए जाएंगे।'



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