दो करोड़ लोगों के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन के साथ राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे राहुल, कृषि बिल रद्द करने की मांग

दो करोड़ लोगों के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन के साथ राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे राहुल, कृषि बिल रद्द करने की मांग

नई दिल्ली। 29 दिन से चल रहे किसान आंदोलन को नई ऊर्जा देने के लिए राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद और अधीर रंजन चौधरी राष्ट्रपति से मिलने के लिए पहुंचे। जहां उन्होंने तीनों कृषि कानूनो को लेकर देश के दो करोड़ लोगों को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा। इस दौरान राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से तीनो कानून को किसान विरोधी बताते हुए निरस्त करने की मांग की। 29 दिन में यह पहली बार है जब राहुल-प्रियंका पहली बार किसानों के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।

इससे पहले किसानों के समर्थन में कांग्रेस के पार्टी मुख्यालय में तमाम नेता जुटे थे और राहुल गांधी के नेतृत्व में सभी राष्ट्रपति भवन की तरफ कूच करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन इससे पहले कि वह पार्टी दफ्तर से निकल पाते, पुलिस ने पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दिया। लेकिन परमिशन नहीं होने के बाद भी मार्च निकालने पर प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला भी शामिल हैं। सभी को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। जहां से बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। 


प्रियंका गांधी ने कहा कि जवान किसान का बेटा होता है, जो किसानों की आवाज ठुकरा रहा है, अपनी जिद्द पर अड़ा हुआ है जबकि देश का अन्नदाता बाहर ठंड में बैठा है तो उस सरकार के दिल में क्या जवान, किसान के लिए आदर है या सिर्फ अपनी राजनीति, अपने पूंजीपति मित्रों का आदर है? प्रियंका ने कहा कि भाजपा नेता और समर्थक किसानों के लिए जो शब्द इस्तेमाल कर रहे हैं, वह पाप है। अगर सरकार किसानों को देश विरोधी कहती है तो, सरकार पापी है। प्रियंका ने कहा कि आज मोदी के खिलाफ कुछ भी कहने वाला आतंकी हो जाता है।

देश में नहीं है लोकतंत्र

वहीं राहुल ने मोदी सरकार की नियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसान, छोटे व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। अगर कृषि व्यवस्था को छेड़ा जाएगा, तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। इसलिए ऐसे कानूनों को वापस लेना चाहिए। प्रधानमंत्री सिर्फ 2-3 लोगों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। इस दौरान एक बार फिर से भारतीय जमीन पर चीन के कब्जे को लेकर मोदी से सवालों के तीर छोड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र की बात कहना बेमानी है। यहां सिर्फ नाम का लोकतंत्र रह गया है। 


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