एक शिक्षक ऐसा भी, नहीं मिला स्वीपर, तो प्रधानाध्यापक ने खुद उठा ली टॉयलेट साफ करने की जिम्मेदारी

एक शिक्षक ऐसा भी, नहीं मिला स्वीपर, तो प्रधानाध्यापक ने खुद उठा ली टॉयलेट साफ करने की जिम्मेदारी

DEHRI : एक तरफ बिहार के सरकारी स्कूलों में काम करनेवाले शिक्षकों पर यह आरोप लगते हैं कि वह स्कूल के प्रति अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से नहीं निभाते हैं। वहीं कुछ  ऐसे शिक्षक भी है, जो अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने से परहेज नहीं करते हैं। ऐसी ही एक तस्वीर रोहतास जिले के डेहरी थाना के भेड़िया सूअरा स्थित माध्यमिक स्कूल से सामने आई है, जहां स्कूल के प्रधानाध्यापक खुद टॉयलेट शीट की सफाई करते हैं। प्रधानाध्यापक द्वारा टॉयलेट शीट की सफाई करते हुए वीडियो भी सामने आया है, जिसे लोगो द्वारा काफी सराहना भी की है।

सूअरा के इस माध्यमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक का नाम सत्यप्रकाश  अहिर है। जिनमें अपने पद को लेकर ना अहंकार है ना अपने ज्ञान का अभिमान। एक विद्वान,कुशल प्रशासक,सफल नेतृत्व कर्ता के साथ साथ सभी शिक्षकों को सम्मान के साथ साथ लेकर चलने का हुनर और बच्चों के बीच अपने ज्ञान को बांटने की तत्परता इनमें हमेशा रहती है। वैसे तो ये खुबी कई लोगों में होगी, लेकिन शायद हीं कोई शिक्षक समाज की गंदगी को इस तरह से साफ करते होंगे। यहां काम करनेवाले शिक्षकों का कहना है कि जब भी कभी सफाई कर्मचारी नहीं मिलता तो खुद हीं स्वच्छता अभियान में जुट जाते हैं।

बच्चों और दूसरे शिक्षकों को भी करते हैं प्रेरित

बताया गया कि प्रधानाध्यापक सत्य प्रकाश अपने इस कार्य से स्कूल के छात्रों और शिक्षकों को भी प्रेरित करते हैं। यहां काम करनेवाले शिक्षक तिवारी इलाके के असमाजिक तत्वों को भी स्कूल में साफ सफाई का काम करवा चुके हैं। 

जिला प्रशासन ने किया है सम्मानित

हाल में ही प्रशासन द्वारा जिले में गुववत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान करनेवाले सरकारी स्कूलों को सम्मानित किया था। जिसमें इस स्कूल को भी बेहतर काम के लिए सम्मानित किया गया था।


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