फर्जीवाड़ा में फंस गए देश के प्रधान सेवक के सांसद, निगरानी जांच में सिग्रीवाल पर लगे आरोप साबित

PATNA: सरकारी अनुदान की राशि फर्जीवाड़ा मामले में महाराजगंज के बीजेपी सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल अब पूरी तरह से घिर गए हैं. हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई निगरानी जांच में सांसद सीग्रीवाल पर लगे आरोप सही पाए गए हैं. निगरानी विभाग ने बीजेपी सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के खिलाफ कोर्ट में  आरोप पत्र समर्पित कर दिया है. सांसद सिग्रीवाल पर निगरानी थाना कांड संख्या-102/16   धारा-120 बी,420, 467, 468, 471, 472, 477ए, 409 के तहत निगरानी विभाग के जांच अधिकारी नें आरोप पत्र समर्पित कर दिया है.

सांसद सिग्रीवाल पर है संगीन आरोप

निगरानी विभाग नें अपनी जांच में यह पाया है कि महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल 4 सितम्बर 2014 से 3 सितम्बर 2017 तक लोक महाविद्धालय हाफीजपुर सारण के सचिव थे. इस दौरान सरकार ने वित्त रहित शिक्षा नीति के तहत उक्त कॉलेज के शैक्षणिक सत्र 2007 के लिए जयप्रकाश विवि छपरा के माध्यम से 31703100 रू चेक के माध्यम से भेजी गई. जांच में यह पाया गया कि बतौर सचिव रहते सांसद सिग्रीवाल के हस्ताक्षर से उक्त राशि से कॉलेज के स्वीकृत 45 पद की जगह 91 शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का भुगतान किया गया. इसके अलावे सांसद सिग्रीवाल पर जांच में यह पाया गया कि सुधा सिंह गलत तरीके से कॉलेज में अध्यापन कार्य के लिए इंट्री करायी गई और इसके बदले उन्हें चेक के माध्यम से 250137 लाख रू का भुगतान किया गया. निगरानी जांच में यह पाया गया की बतौर सचिव रहते सांसद सिग्रीवाल और वहां के शिक्षक ने सरकार के गाईड लाईन के खिलाफ जाकर काम किया और सरकारी राशि का भुगतान किया. 

निगरानी विभाग के जांच अधिकारी जहांगीर अंसारी ने अपनी जांच मे लिखा है कि कॉलेज के सचिव होने के नाते सांसद सिग्रीवाल और प्राचार्य योगेन्द्र पाण्डेय इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं. लिहाजा जांच अधिकारी ने सिग्रीवाल के खिलाफ कोर्ट में धारा- 420, 467, 468, 471, 472, 477ए, 409,120बी आइपीसी एवं धारा 13{2] के अंतर्गत पूरक आरोप पत्र समर्पित करता हूं. जांच अधिकारी ने आगे अनुसंधान की जरूरत नहीं बतायी है और आरोप पत्र में अनुसंधान बंद करने की बात कही है.

कैसे सामने आया मामला

दरअसल कॉलेज में गड़बड़ी को लेकर 2016 में पटना हाईकोर्ट में अपील किया गया था. इसके बाद सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने वित्त रहित शिक्षण संस्थान में अनुदान मद में घोटाले को लेकर निगरानी जांच के आदेश दिए थे. हाईकोर्ट के आदेश के बाद निगरानी विभाग ने सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सहित कॉलेज के प्राचार्य के अलावे कुल 13 लोगों के खिलाफ  7 अक्टूवर 2016 को केस संख्या-102/16 दर्ज किया था. इसके बाद निगरानी विभाग ने जांच शुरू की. इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल योगेन्द्र पाण्डेय जेल की भी हवा खा चुके हैं. जांच पूरी होने के बाद निगरानी विभाग नें 26 सितम्बर 2018 को ही कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित कर दिया. जिसमें सांसद सिग्रीवाल पर लगे आरोप को सही करार दिया है. हालांकि सांसद पर निगरानी विभाग के आरोप पत्र दाखिल करने की खबर अबतक पब्लिक डोमेन में नहीं आ पाई थी. करीब 6 महीनों से यह मामला दबा हुआ था. निगरानी विभाग की तरफ से आरोप पत्र समर्पित किए जाने के बाद इस मामले में न्यायालय आगे की कार्रवाई करेगा. 


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