मंदिर पर ध्वज फहराने को लेकर बौद्ध और सनातन धर्म के अनुनायियों के बीच पत्थरबाजी, कई लोग घायल

मंदिर पर ध्वज फहराने को लेकर बौद्ध और सनातन धर्म के अनुनायियों के बीच पत्थरबाजी, कई लोग घायल

लखनऊ. फर्रुखाबाद जनपद के बौद्ध तीर्थ स्थल संकिसा में बुधवार को सुबह धाम यात्रा निकले. इस दौरान बौद्ध अनुयायियों ने परिक्रमा में जोशीले नारे लगाए. इस दौरान यात्रा में भाजपा विधायक सुशील शाक्य साथ चल रहे थे. जब यात्रा स्तूप पर पहुंची, तो तीन बार परिक्रमा के साथ ही बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा अर्चना की. इस बीच यात्रा में साथ चल रहे युवाओं ने पंचशील ध्वज लेकर इसके ऊपर चढ़ गया और मां बिचारी देवी मंदिर पर ध्वज उतार कर पंचशील ध्वज लगा दिया.

इसको लेकर वहां मौजूद सनातन धर्म ने विरोध किया तो नोकझोंक होने लगी. मामला इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से ईंट पत्थर चलने लगे. यात्रा में साथ चल रहे विधायक और बौद्ध भिक्षु जान बचाकर भागने लगे. एक गुट के लोगों ने दूसरे पक्ष की कार को पत्थर मारमार कर तोड़ दी, तो एक गुट के लोगों ने भोगांव रोड पर स्तूप से कुछ दूरी पर लकड़ी के बड़े-बड़े टुकड़े डालकर जाम लगा दिया.

इन लोगों का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर पथराव किया है, जिसके चलते संकिसा में तनावपूर्ण माहौल हो गया है. पुलिस बल कम होने के चलते बवाल बढ़ गया. मारपीट पथराव होने से किसी का सिर फटा तो किसी का पैर टूटा लगभग 2 घंटे तक पथराव होता रहा. घटना की सूचना पर सीओ और कोतवाल मोहम्दाबाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने बवाल करे रहे लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन कोई शांत नहीं हुआ, बल्कि पथराव और भगदड़ में सनातन धर्म के अजय कुमार का सिर फट गया और लाखन श्रीवास्तव की टांग टूट गई. 

इससे उत्तेजित गांव के लोगों ने मुख्य रोड पर जाम लगा दिया. जाम लगाने के बाद उत्तेजित ग्रामीणों ने कहा कि घायलों का इलाज कराया जाए. इसके बाद ही जाम खुलेगा. संकिसा में माहौल तनावपूर्ण होने के कारण सीओ सोहराब आलम इंस्पेक्टर भोगांव रविंद्र बहादुर सिंह मौके पर मुस्तैद हैं. वहीं एसपी अशोक कुमार मीणा ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर मामला शांत करने का कहा.

एसपी ने कहा कि उपद्रव करने वालों की तलाश शुरू कर दी गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने संकिसा पहुंचकर दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता करने के बाद आश्वासन दिया है कि घटना को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

बताते चलें संकिसा में दो दिवसीय बौद्ध महोत्सव में बौद्ध अनुयायियों के लिए 200 लोगों की परमिशन जिला प्रशासन से थी, लेकिन मंगलवार से शुरू हुए कार्यक्रम में हजारों की भीड़ एकत्र हो गई थी. महोत्सव में 25 से 30 हजार लोग लोगों की भीड़ होने की जानकारी स्थानीय पुलिस को थी

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