पटना में हजारों किलोमीटर की यात्रा कर फिर पहुंचे विदेशी मेहमान, कलरव से गुलजार हुआ इलाका, पढ़िए पूरी खबर

पटना में हजारों किलोमीटर की यात्रा कर फिर पहुंचे विदेशी मेहमान, कलरव से गुलजार हुआ इलाका, पढ़िए पूरी खबर

PATNA : पंछी नदिया पवन के झोंके कोई सरहद न इन्हें रोके। फ़िल्म रिफ्यूजी का यह गीत आजकल पटना में आए प्रवासी पक्षियों पर बिल्कुल सटीक बैठता है। इन पक्षियों के लिए न तो कोई सरहद है न ही देश। ये पंक्षी सरहद की दीवारों को तोड़कर हर साल पटना पहुँच जाते हैं। यहीं वजह है की पटना सचिवालय के समीप राजधानी जलाशय इन दिनों प्रवासी पक्षियों से गुलज़ार है। 

करीब 2 दर्जन से अधिक पक्षियों की प्रजाति इस तालाब में साइबेरियन देशों से आती है। ये पंक्षी इस तालाब में नवम्बर से मार्च तक रहते हैं। जहाँ ये प्रजनन करते हैं। इसके बाद वो अपने वतन वापस लौट जाते हैं। पटना वन प्रमंडल की ओर से भी इन पक्षियों की उचित देख रेख की जाती है। पटना का मौसम इन पक्षियों को इतना भाता है कि ये पंक्षी हर साल हजारों किलोमीटर की यात्रा करके पटना पहुँच जाते हैं। 

जलाशय की देखरेख कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि विदेशों से इन पंक्षियों के आने के बाद इलाका इनके कलरव से गुंजायमान हो जाता है। ये पंक्षी यहां आराम से रह सके। इसके लिए यहां आम लोगों के आने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। लेकिन यहां जो भी विदेशी मेहमान से मिलने आते हैं वह इनसे मिलकर बेहद खुश होते हैं। इनकी देखभाल के लिए काफी कुछ इंतजाम किया गया है। इनके खाने-पीने की व्यवस्था  वन विभाग की ओर से की गई है। विशेष रूप से इन्हें खाने के लिए मछली और फरहि दिया जाता है, जो इन्हें बेहद पसंद है। 

पटना से वंदना शर्मा की रिपोर्ट 


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