सीएम नीतीश पर भड़के सुधाकर सिंह, मोकामा टाल का नाम लेकर बन गए MP और CM लेकिन समस्या बरकरार

सीएम नीतीश पर भड़के सुधाकर सिंह, मोकामा टाल का नाम लेकर बन गए MP और CM लेकिन समस्या बरकरार

पटना. पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिस मोकामा टाल के विकास की बातें कर पहले 1989 में लोकसभा पहुंचे और पिछले 17 साल से सीएम हैं, उस टाल की परेशानी आज तक दूर नहीं हुई. मोकामा टाल की समस्या को अब वे विधानसभा में उठाएंगे. सुधाकर सिंह बुधवार को मोकामा के मरांची पहुंचे. उन्होंने जल जमाव से जूझ रहे किसानों की परेशानी को जाना. साथ ही किसानों को आश्वसन दिया कि वे आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाएंगे. 

सुधाकर सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 जब वे विपक्ष में थे तब भी उन्होंने सदन में इस मुद्दे पर नीतीश सरकार से सवाल किया था. टाल की समस्या नहीं सुलझने को नीतीश की वादाखिलाफी मानी जाए के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे पिछले साल से ही यही कहते आ रहे हैं. एक बार फिर से आगामी सत्र में वे टाल की समस्या को उठाएंगे. टाल जल जमाव से जूझ रहा है. लाखों किसान परेशान हैं लेकिन इसकी सुध लेने के लिए सरकार आगे नहीं आ रही है. 

मोकामा से राजगीर और गया गंगा का पानी ले जाने की 5500 करोड़ रुपए की परियोजना की व्यवहार्यता पर सुधाकर सिंह ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कहते हैं कि वे बरसात के दिनों में गंगा का पानी मोकामा से नालंदा, नवादा और गया ले जयेंगे. दूसरी और मोकामा टाल के इलाके में बरसात में जो पानी आता है वह भी बारिश का ही होता है. ऐसे में गंगा का पानी ले जाने से बेहतर कम खर्च में उसी बरसात के पानी को रोककर उन तीनों जिलों में जलापूर्ति की जा सकती थी. लेकिन नीतीश सरकार ने ऐसा नहीं किया. 

नीतीश मंत्रिमंडल में फिर से शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे दो सवालों पर सरकार अपनी घोषित निति बदले. कृषि रोड मैप 2 में लिखा है कि मंडी कानून होना चाहिए. साथ ही धान और फूड ग्रेन में मल्टीप्ल एजेंसी होनी चाहिए. अगर सरकार इस दिशा में काम करती है तो उनका अभियान सफल होगा. फिर से मंत्री बनें या ना बने कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि यही किसानों के हित में होगा. 


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