आरक्षण हटाने के पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का बड़ा बयान, कहा सरकार कर दें बस यह काम...

आरक्षण हटाने के पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का बड़ा बयान, कहा सरकार कर दें बस यह काम...

NEW DELHI : आज हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक दिल्ली में आयोजित की गयी। इस बैठक में हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी, प्रधान महासचिव और मंत्री संतोष मांझी, विधायक अनिल कुमार, विधायक प्रफुल्ल मांझी, विधायक ज्योति देवी, बिहार प्रदेश अध्यक्ष बी एल वेशयन्त्री, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार, पश्चिम बंगाल अध्यक्ष शतद्रु रॉय, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शाह नवाब और पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सत्येंद्र पाल सिंह बैठक में मौजूद थे। बैठक में फैसला लिया गया है कि निजी क्षेत्र, न्यापालिका, राज्यसभा एवं विधान परिषद में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। सबको एक समान शिक्षा मिलनी चाहिए यानी कॉमन स्कूलिंग सिस्टम लागू हो। असंगठित क्षेत्र के मज़दूर या दूसरे राज्यों में जाकर काम करने वाले मज़दूरों के उत्थान के लिए योजना हो, उनका निबंधन हो और उनके वोट देने की व्यवस्था कराई जाय। भूमि सुधार हो, संगठन का विस्तार हो, अन्य राज्यों में संभावनायें तलाशी जायें, जिन राज्यों में चुनाव हो वहाँ भी संभावना तलाशी जायें, कार्यकर्ताओं को अनुशासित रहने का पाठ पढ़ाया जाएगा। वहीँ बैठक को संबोधित करते हुए जीतनराम मांझी ने एक बार फिर भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने एक बार फिर कहा की मैं श्री राम को काल्पनिक मानता हूँ। भगवान तो वाल्मीकि हैं जिन्होंने रामायण की रचना की है। वाल्मीकि जी ने काव्य बनाया काव्य काल्पनिक होता है। उन्होंने कल्पना के आधार पर देश के सामने अपनी बात रखी है। राम से हजार गुना बड़े हमारे वाल्मीकि जी हैं जिसकी पूजा हम लोग करते हैं।

वहीँ आरक्षण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा की हम लोग चाहे कितने भी कार्य कुशल क्यों ना हो उसे आरक्षित कोटे का कहा जाता है। आरक्षित कोटे को लोग दोयम दर्जे का मानते हैं। इसी कलंक को दूर करने के लिए बाबा साहब अंबेडकर ने कहा था कि 10 वर्ष तक आरक्षण दीजिए फिर उसे एक्सटेंड कीजिए। लेकिन आज कई बार एक्सटेंशन हो चुका है आखिर कितना बार एक्सटेंशन करेंगे ? इसलिए कॉमन स्कूलिंग सिस्टम की जरूरत है। अगर ऐसा होता है तो राष्ट्रपति का बेटा हो या भंगी का संतान सबको शिक्षा एक समान होगी। एक तरह का खानपान होगा एक तरह का ड्रेस होगा। एक तरह की शिक्षा होगी, इसलिए कोई ऊंच-नीच नहीं कहलाएगा। ऐसी परिस्थिति में फिर आरक्षण की कोई जरूरत नहीं होगी। लेकिन यह लागू होने के पहले आरक्षण हटाने की बात हुई तो गलत होगा। कॉमन स्कूलिंग सिस्टम हो जाए और उसके 10 साल बाद आरक्षण को हटाया जा सकता है। हम इसके पक्ष में हैं। 


पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा की कई लोग फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। मांझी ने पाँच सांसदों का नाम लेकर कहा कि फर्जी सर्टिफिकेट बना कर ये आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। इसमें मोहम्मद सादिक अली फरीदकोट पंजाब से कांग्रेस सांसद, आफरीन अली TMC की सांसद हैं आरामबाग से, अमरावती महाराष्ट्र से सांसद नवनीत कौर राणा, आगरा से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य स्वामी सोलापुर महाराष्ट्र से बीजेपी सांसद। उन्होंने कहा की इसके लिए अलग से कमीशन बनाकर इन लोगों की जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा की 15 से 20 परसेंट लोग ऐसे हैं जो फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ लेकर नौकरी कर रहे हैं। बिहार में पंचायत चुनाव में भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर लोग चुनाव लड़ रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा के शताब्दी समारोह में शामिल नहीं होने की खबर पर जीतन राम माँझी ने कहा की अगर किसी को संविधान और संवैधानिक परंपरा में विश्वास ना हो तो इसी प्रकार का काम करते हैं। महामहिम किसी पार्टी के नहीं है। हो सकता है तेजस्वी को लगे कि वे शेड्यूल कास्ट के लोग हैं इसलिए ना जाएं।

नई दिल्ली से धीरज कुमार की रिपोर्ट 

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