BREAKING NEWS : हर माह सौ करोड़ रुपए वसूलनेवाले पूर्व गृह मंत्री पहुंचे जेल, रात एक बजे ईडी ने किया गिरफ्तार, आज होगी कोर्ट में पेशी

BREAKING NEWS : हर माह सौ करोड़ रुपए वसूलनेवाले पूर्व गृह मंत्री पहुंचे जेल, रात एक बजे ईडी ने किया गिरफ्तार, आज होगी कोर्ट में पेशी

DESK : महाराष्ट्र के रेस्टोरेंट व होटलों से हर माह सौ करोड़ की वसूली की मांग करनेवाले पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख अब जेल पहुंच गए है। आलीशान जिंदगी जीनेवाले देशमुख को प्रवर्तन निदेशालय ने लगभग 13 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने दावा किया है कि वरिष्ठ एनसीपी नेता पूछताछ के दौरान टालमटोल कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें मंगलवार को यहां अदालत में पेश करने के बाद एजेंसी उनकी हिरासत की मांग करेगी। 

सुबह से देर रात तक होती रही पूछताछ

वसूली के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर अपनी कुर्सी गंवानेवाले एनसीपी नेता दक्षिण मुंबई के बलार्ड एस्टेट इलाके में ईडी कार्यालय में अपने वकील और सहयोगियों के साथ सुबह करीब 11:40 बजे पहुंचे और बीच में कुछ ब्रेक देने के बाद उनके लगातार पूछताछ की जाती रही। बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा पिछले सप्ताह अपने खिलाफ जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद उन्हें मजबूरन एजेंसी के समक्ष पेश होना पड़ा। उन्होंने ईडी के ऐसे कम से कम पांच नोटिस को नजरअंदाज कर दिया था।

मुंबई के पूर्व कमिश्नर की चिट्ठी से खुला था राज

गौरतलब है कि सौ करोड़ की वसूली का राज तब सामने आया था, जब मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने एक चिट्ठी सीएम उद्धव ठाकरे को लिखी थी, जिसमें उन्होंने तत्कालिक गृह मंत्री के पद पर बैठे अनिल देशमुख पर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक)(एपीआई) सचिन वाझे के जरिए महाराष्ट्र के सभी होटलों और रेस्टोरेंट-बार से हर मार सौ करोड़ रुपए की वसूली करने के लिए कहा है। जबकि पुलिस कमिश्नर को इससे अलग रखा गया था। अनिल वाझे ने इन पैसों की वसूली के लिए मुकेश अंबानी को टारगेट किया, जिसके बाद एक के बाद कई राज सामने आते चले गए। आखिरकार अनिल देशमुख को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी और अब उन्हें जेल भेज दिया गया है।

वाझे की हिरासत छह नवंबर तक

इससे पहले मुंबई की स्थानीय अदालत ने सोमवार को वसूली मामले में बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक)(एपीआई) सचिन वाझे को छह नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने को मंजूरी दे दी। उनके खिलाफ मुंबई के उपनगर गोरेगांव में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने सोमवार को वाझे को अपनी हिरासत में लिया था। पुलिस ने यह कार्रवाई बिल्डर सह होटल मालिक विमल अग्रवाल की शिकायत पर की है, जिसमें मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह भी आरोपी हैं। बर्खास्त वाझे को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के नजदीक विस्फोटकों से भरी कार बरामद होने और मनसुख हिरन की हत्या मामले में इस साल मार्च में गिरफ्तार किया था और तब से वह न्यायिक हिरासत के तहत जेल में है। 

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