जातीय जनगणना पर सामान्य प्रशासन ने जारी किया नोटिफिकेशन, सीएम ने कहा - देखते रह जाएंगे दूसरे राज्य

जातीय जनगणना पर सामान्य प्रशासन ने जारी किया नोटिफिकेशन, सीएम ने कहा - देखते रह जाएंगे दूसरे राज्य

PATNA : बिहार में जातीय जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ताबड़तोड़ फैसले ले रही है। इस कड़ी में सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने जातीय जनगणना को लेकर अधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। जिसमें जातीय जनगणना को लेकर पूरी जानकारी दी गई है। वहीं जातीय जनगणना को लेकर सीएम ने कहा कि इसमें बिहार से बाहर रहनेवाले लोगों को भी गिना जाएगा।

सीएम ने कहा - बनेगा उदाहरण

नोटिफिकेशन जारी होने से पहले जातीय जनगणना पर चर्चा करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में इतनी अच्छी जाति की गणना होगी कि बाकी राज्य भी ऐसी ही कराएंगे। एक महीने की तैयारी के बाद गणना का काम शुरू होगा। फंड का एलॉटमेंट कर दिया गया है। बिहार से बाहर रहने वाले लोगों की भी गणना होगी। चाहे किसी धर्म, जाति, मजहब के हों। अपर कास्ट, बैकवर्ड, दलित हों या आदिवासी, सबके बारे में आर्थिक स्थिति समेत पूरी जानकारी ली जाएगी। जनगणना करा चुके अनुभवी जो रिटायर हो गए हैं उनको भी काम में लगाया जाएगा। अफसरों के साथ दो राउंड मीटिंग हो चुकी है। कहा कि 2010-11 में देश स्तर पर ठीक ढंग से काम नहीं हुआ तो वह पब्लिश नहीं हुई।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) नीत एनडीए सरकार बिहार में जातीय जनगणना (Caste Census In Bihar) को लेकर काफी एक्टिव मोड में दिखाई पड़ रही है. तभी तो बिना देरी किए इसपर लगातार फैसले लिए जा रहे हैं. सर्वदलीय बैठक के बाद इसपर कैबिनेट ने मुहर लगायी. अब इसके लिए बकायदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिफिकेशन जारी किया है.


2023 तक जाति आधारित गणना पूरा करने का लक्ष्य 

बता दें कि 1 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई थी. जिसमें जातीय जनगणना कराने पर सहमति बनी थी। इसके अगले दिन यानी 2 जून को बिहार कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में बिहार में जातीय जनगणना की स्वीकृति दे दी गई। बैठक में फरवरी, 2023 तक जाति आधारित गणना पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। इसपर 500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।


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