RSS को बैन करने की मांग करनेवाले लालू प्रसाद को गिरिराज ने दिलाई 90 के दशक की याद, पूछा - अब क्या हो गया

RSS को बैन करने की मांग करनेवाले लालू प्रसाद को गिरिराज ने दिलाई 90 के दशक की याद, पूछा - अब क्या हो गया

PATNA : पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बिहार में सियासत जारी है। जहां जदयू की तरफ से ललन सिंह ने प्रतिबंध किस आधार पर लगाए गए हैं, उसके सबूत की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ राजद के मुखिया ने पीएफआई की तरह आरएसएस को भी प्रतिबंधित करने की मांग कर दी है। अब लालू प्रसाद की मांग पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 1990 के पहले के समय का जिक्र कर दिया है। उन्होंने राजद अध्यक्ष को 1990 से पहले का समय याद दिलाया है

पहले RSS-BJP के समर्थक रहे

गिरिराज ने लालू प्रसाद को लेकर कहा है कि उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है, 1990 में जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब वे इस आरएसएस और बीजेपी का गुणगान कर रहे थे, आज वोट बैंक की जरूरत है तो पीएफआई की तारीफ कर रहे हैं।

बीजेपी के सहयोग से बने सीएम

बता दें लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री बनने से पहले जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। साल 1988 में कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 1990 में बिहार विधानसभा के चुनाव हुए। बीजेपी के सहयोग से बिहार में जनता दल की सरकार बनी। उस समय जनता दल के राष्ट्रीय चेहरा और तत्कालीन प्रधानमंत्री बीपी सिंह चाहते थे कि बिहार में रामसुंदर दास को सीएम बनाया जाए, लेकिन चंद्रशेखर रघुनाथ झा को राज्य का मुखिया बनाना चाहते थे। इस विवाद को खत्म करने के लिए तत्कालीन डेप्युटी पीएम देवीलाल ने लालू प्रसाद यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश कर दी। बिहार विधानसभा में 39 सीटें जीतने वाली बीजेपी के समर्थन से 10 मार्च 1990 को लालू प्रसाद यादव पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने।


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