स्वतंत्रता सेनानी और कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की 117वीं जयंती पर गुगल ने बनाया डूडल, नौ साल की उम्र में लिखी थी पहली कविता

स्वतंत्रता सेनानी और कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की 117वीं जयंती पर गुगल ने बनाया डूडल, नौ साल की उम्र में लिखी थी पहली कविता

DESK. 'खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी' कविता की लेखिका और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभद्रा कुमारी चौहान का आज 117वां जन्मदिन है. इस अवसर पर गूगल ने अपने डूडल में सत्याग्रही सुभद्रा कुमारी चौहान को समर्पित किया.

गूगल  ने 16 अगस्त 'खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी' की लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान पर एक खास डूडल बनाया है. डूडल में सफ़ेद साड़ी पहले सुभद्र कुमारी चौहान कलम और कागज के साथ नजर आ रही है और साथ ही साथ झांसी की रानी भी नजर आ रही है. इस शानदार डूडल को न्यूजीलैंड की गेस्ट आर्टिस्ट प्रभा माल्या ने बनाया है.

सत्याग्रही सुभद्रा कुमारी चौहान ने अपनी पहली कविता को महज नौ साल की उम्र में ही लिखी थी. यह कविता 1913 में प्रयाग से निकने वाली पत्रिका 'मर्यादा' में छपी थी. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभद्रा कुमारी चौहान की हिंदी कविता 'झांसी की रानी' बहुत मशहूर है. सुभद्रा राष्ट्रीय चेतना की एक सजग लेखिका रही हैं.

सुभद्रा जी का जन्म आज ही के दिन 1904 में इलाहाबाद के पास निहालपुर गांव में हुआ था. स्वाधीनता संग्राम में कई बार जेल यातनाएं सहने के बाद इन्होंने अपनी अनुभूतियों को कहानी में व्यक्त किया है. सुभद्रा कुमारी चौहान का देहांत 15 फरवरी, 1948 को 44 साल की उम्र में ही हो गया.

Find Us on Facebook

Trending News