सरकारी अस्पतालों की खुल गई पोल! कोई डॉक्टर 12 साल से नहीं आया, कोई 5 साल से लापता, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा - अब किसी को नहीं छोड़ेंगे, बन गई है लिस्ट

सरकारी अस्पतालों की खुल गई पोल! कोई डॉक्टर 12 साल से नहीं आया, कोई 5 साल से लापता, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा - अब किसी को नहीं छोड़ेंगे, बन गई है लिस्ट

PATNA : बिहार में सरकारी अस्पतालों में सरकार ने बायोमेट्रिक्स से अटेडेंस अनिवार्य कर दिया, तो पूरे प्रदेश के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। लेकिन राज्य सरकार के तेवर को देखने के बाद ऐसा लगता है कि वह अपने फैसले वापस लेने को तैयार नहीं है। बल्कि उन सभी डॉक्टरों की कुंडली निकाली जा रही है, जो पिछले छह माह से भी अधिक समय से लापता हैं। 

स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है कि अस्पतालों में लंबे समय से अनुपस्थिति डॉक्टरों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। तेजस्वी यादव ने कहा है कि कोई डॉक्टर 12 साल से अनुपस्थित है, कोई पांच साल से तो कोई दो साल से अनुपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर छह माह से अनुपस्थित हैं। उन पर हम कार्रवाई करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है ऐसे 705 डॉक्टर हैं, छह महीने से ज्यादा समय से अनुपस्थित हैं। 

डयूटी से गायब हैं और पैसे भी सरकार से ले रहे हैं

राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर कहा है कि- '5 साल, 10 साल, से अनुपस्थित डॉक्टर्स कितने गरीबों को स्वास्थ्य लाभ दे सकते थे, कितनों की जान बचा सकते थे!' बता दें कि तेजस्वी यादव ने कुछ सप्ताह पहले राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में आधी रात के समय औचक निरीक्षण किया था और कई अव्यवस्था देखी थी। खास तौर से साफ-सफाई को देखकर वे काफी बिफरे थे।

उन्होंने डॉक्टरों और नर्सों की उपस्थिति भी चेक की थी। तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य से जुड़े तमाम बड़े अफसरों और सिविल सर्जनों के साथ बड़ी बैठक भी की थी। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर नौकरी के लिए वैकेंसी निकाली जाएगी। 

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