नियोजन इकाई व शिक्षा विभाग की मिलीभगत से लाखों की सरकारी राजस्व की क्षति, फर्जी प्रमाणपत्र व बिना स्कूल जाए ही शिक्षकों का हो रहा वेतन भुगतान

नियोजन इकाई व शिक्षा विभाग की मिलीभगत से लाखों की सरकारी राजस्व की क्षति, फर्जी प्रमाणपत्र व बिना स्कूल जाए ही शिक्षकों का हो रहा वेतन भुगतान

MOTIHARI : मोतिहारी में जिला शिक्षा कार्यालय व नियोजन इकाई के मिली भगत से फर्जी प्रमाणपत्र व फर्जी तरीके से बहाल फर्जी शिक्षकों  की बल्ले बल्ले।जिला शिक्षा कार्यालय ,प्रखंड शिक्षा कार्यालय के मिली भगत से एक दिन भी विद्यालय नही करने वाले जिला के दर्जनों फर्जी शिक्षकों का वेतन भुगतान किया जा रहा है।आखिर भुगतान हो भी तो क्यों नही वेतन भुगतान में फिफ्टी-फिफ्टी का खेल चल रहा है। सूत्रों की माने तो जिला के लगभग 200 शिक्षकों के प्रमाणपत्र ,बहाली प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर कई वर्षों से वेतन भुगतान पर रोक लगा था । जिसके कारण उक्त शिक्षक विद्यालय के शैक्षणिक कार्य से अलग रहे। वही दर्जनों शिक्षक का फर्जी प्रमाणपत्र सहित कई गड़बड़ी को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय नियोजन इकाई को उक्त शिक्षकों का नियोजन रद्द करने के लिए प्रतिवेदित किया गया था। लेकिन नियोजन इकाई के मेहरबानी के कारण नियोजन रद्द नहीं किया गया। ऐसे में नियोजन इकाई के नियोजन रद्द नही करने व जिला शिक्षा कार्यालय के मार्गदर्शन नही देने के कारण सरकार को लाखों रुपया राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं नियोजन इकाई व जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारी व कर्मी मालामाल हो रहे है।

हाईकोर्ट ने दिया वेतन भुगतान का आदेश

दरअसल, जिला में फर्जी प्रमाणपत्र व कई गड़बड़ी को लेकर लगभग 200 शिक्षकों का वर्षो से वेतन बंद था। इधर सरकार व उच्च न्यायलय के आदेश के बाद स्कूल में कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान का आदेश दिया गया है। इसमें नियोजन इकाई से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी एक दिन भी स्कूल नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन भुगतान के नाम फिफ्टी फिफ्टी का खेल खेल रहे है । फर्जी शिक्षकों के वेतन भुगतान तो किया जा रहा है लेकिन उसमें भारी पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर भुगतान होने जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 188 फर्जी शिक्षकों का वेतन भुगतान जिला शिक्षा कार्यालय पूर्वी चम्पारण के द्वारा अभी किया जा रहा है जिसमें  दर्जनों ऐसे फर्जी शिक्षकों का वेतन भुगतान किया जा रहा है। जिसका कोई आधार नहीं है वैसे शिक्षक जो कभी विद्यालय में शैक्षणिक कार्य नहीं किये हैं और ना ही शिक्षक होने का कोई प्रमाण पत्र उपलब्ध है मास्टर डाटा तक  शिक्षा विभाग के द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है,  वैसे फर्जी शिक्षकों का वेतन भुगतान समझ से परे है। 

वैसे शिक्षक भी शामिल, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

साथ ही वैसे शिक्षक का वेतन भुगतान किया जा रहा है जिसे शिक्षा विभाग के कार्यालय के पदाधिकारी द्वारा फर्जी करार देते हुए नियोजन इकाई को पत्र जारी कर हटाया गया था और उनका वेतन बन्द करते हुए F.I.R करने का आदेश नियोजन इकाई को पत्र दिया गया जिसका अनुपालन  नियोजन इकाई के द्वारा किया गया  लेकिन वैसे फर्जी शिक्षकों का वेतन भुगतान होने की भी चर्चा है। कहीं वैसे फर्जी शिक्षकों से राशि का उगाही कर भुगतान तो नहीं किया जा रहा है जिनका भुगतान नहीं होना चाहिये था। इसके पूर्व पहाडपुर प्रखंड में बिना स्कूल गए शिक्षक के 20 लाख के भुगतान मामले में डीपीओ स्थपना ,बीईओ,कई पंचायत सचिव मुखिया पर प्राथमिकी भी दर्ज कराया गया ।लेकिन आजतक दोषी पदाधिकारी पर कोई कार्रवाई नही हुआ।

आखिर नियोजन इकाई व शिक्षा विभाग कितना फर्जी शिक्षकों पर मेहरवान है इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है कि  वर्षो से फर्जी चिन्हित शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं किया गया। जिसके कारण सरकार के लाखों की राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। फर्जी शिक्षको पर करवाई में नियोजन इकाई डीईओ कार्यालय पर मार्गदर्शन का ठीकरा पिट रहा है तो डीईओ कार्यालय निर्देश के बाद नियोजन इकाई पर करवाई नही करने का रोना रो रहा है। दोनों के चक्कर मे फर्जी की बल्ले बल्ले तो सरकार के सरकारी राजस्व को चुना लगाया जा रहा है । जिला का एक ऐसा प्रखंड भी है ।जहा एक ही प्रमाणपत्र पर नाम बदलकर फर्जीवाड़ा कर 125 शारीरिक शिक्षक कार्यरत है । अगर सूक्ष्म तरीके से जांच किया जाय तो भारी गड़बड़ी से इंकार नही किया जा सकता। 

सिर्फ जांच करने की बात

मोतिहारी डीईओ ने बताया कि सरकार व उच्च न्यायलय के आदेश पर अबतक जितने भी शिक्षक कार्यरत है ।उसके किसी भी कारण से बंद वेतन भुगतान के आदेश पर भुगतान किया जा रहा है ।इसके साथ साथ फर्जी प्रमाणपत्र व नियोजन में गड़बड़ी कर बहाल शिक्षकों पर कार्रवाई में तेजी लाया जा रहा है ।वही बिना स्कूल किये शिक्षकों की उपस्थिति देने वाले पदादिकारी से भुगतान के बाद राशि वापस करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराया जाएगा ।ऐसे पूरी जांच के बाद भी तीन माह का वेतन भुगतान किया जा रहा है । बहरहाल, मोतिहारी में सरकार व उच्च न्यायलय के आदेश पर स्कूल में कार्यरत शिक्षकों के बकाया वेतन भुगतान के आदेश के बाद नियोजन इकाई व जिला से लेकर प्रखंड शिक्षा कार्यालय  की बल्ले बल्ले है।

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