चंद्रयान-3 मिशन में पटना के हर्षित की शानदार उपलब्धियां, लैंडिंग और रोबर के क्षेत्र में निभाई अहम भूमिका, पैतृक गांव में खूब मना जश्न

चंद्रयान-3 मिशन में पटना के हर्षित की शानदार उपलब्धियां, लैंडिंग और रोबर के क्षेत्र में निभाई अहम भूमिका, पैतृक गांव में खूब मना जश्न

पटना. इसरो के चन्द्रयान 3 मिशन को सफल बनाने में बिहार के कई होनहारों की अहम भूमिका रही. इसमें पटना जिले के हर्षित कुमार भी शामिल हैं जिन्होंने बुधवार को चन्द्रयान 3 को सॉफ्ट लैंडिंग कराने में अहम भूमिका निभाई. हर्षित ने बताया कि उन्होंने चंद्रयान-3 की टीम में लैंडिंग और रोबर के क्षेत्र में काम किया है. चाँद पर चन्द्रयान 3 के उतरने के बाद हर्षित और उनकी टीम कई घंटों तक इसकी गतिविधियों की मोनेटरिंग करती रही. वर्ष 2017 से इसरो में कार्यरत हर्षित कुमार राकेट साइंटिस्ट के रूप में सेवारत हैं. 

पटना के मोकामा टाल के सरहन गांव के हर्षित का जन्म बाढ़ में हुआ था. हर्षित के पिता त्रिपुरारी प्रसाद सिंह बाढ़ में ही मेडिकल की दुकान चलाते थे. शोध एवं अनुसंधान की दुनिया में शुरू से रूचि रखने वाले हर्षित ने आईआईटी मंडी से बी-टेक किया. हर्षित का कैंपस सलेक्शन इसरो में हुआ था. उन्होंने 2017 में इसरो ज्वाइन करने के बाद इसरो के विभिन्न मिशनों के लिए अपना योगदान दिया. इसी दौरान उन्हें चंद्रयान-2 मिशन से जुड़ने का अवसर मिला. चन्द्रयान-3 की सफलता के बाद हर्षित ने अपनी टीम के सदस्यों के साथ तिरंगा लिए फोटो डालकर अपनी ख़ुशी का इजहार किया है. 

वहीं चंद्रयान-3 को सफल बनाने में भी हर्षित शुरू से इस मिशन से जुड़े रहे. उन्होंने चंद्रयान -3 के विकास क्रम में अलग अलग परियोजनाओं को क्रियान्वित करने वाली टीम में योगदान दिया. करीब 6 वर्ष इसरो में बिता चुके हर्षित के लिए अत्यंत गौरव का विषय रहा कि वे देश को गौरवांवित करने वाले चंद्रयान मिशन के दो –दो मिशन से जुड़े रहे. बुधवार को चन्द्रयान-3 जब चंद्रमा की सतह पर उतरा तब हर्षित और उनकी टीम रोवर प्रज्ञान के आगे के चरण को सुचारू बनाने में लगे थे. 

चन्द्रयान-3 को मिली सफलता के बाद हर्षित के गांव और परिजनों ने भी जमकर ख़ुशी मनाई. ग्रामीणों ने कहा कि देश को गौरवांवित करने वाले इस मिशन से भारत का मान बढ़ा है. इस अभियान ने यहां के युवाओं को नई प्रेरणा दी है. नई पीढ़ी के बच्चे भी हर्षित को रॉल माडल मानकर उनके जैसा बनने का प्रयास करेंगे. हर्षित से उनका परिवार भी हर्षित महसूस कर रहा है. हर्षित के पिता का चार वर्ष निधन हो गया. अब उनकी माँ जो घरेलू महिला हैं अपने बेटे की उपलब्धियों को सपना साकार होने से बता रही हैं. वहीं हर्षित की पांच बहनों में एक बहन बैंक पीओ और दो बहन शिक्षिका हैं. 


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