कोरोना के नये वैरिएंट पर हाईकोर्ट में सुनवाई, कहा- आधारभूत संरचना की कमी की वजह से पिछली बार गयी थी लोगों की जान, सरकार युद्ध स्तर पर शुरू करे तैयारी

कोरोना के नये वैरिएंट पर हाईकोर्ट में सुनवाई, कहा- आधारभूत संरचना की कमी की वजह से पिछली बार गयी थी लोगों की जान, सरकार युद्ध स्तर पर शुरू करे तैयारी

पटना. पटना हाईकोर्ट ने राज्य में करोना महामारी से सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए करोना के नये वैरिएंट को काफी गम्भीरता से लिया है। शिवानी कौशिक व अन्य की जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कोरोना के इस नये वैरिएंट से अधिकतम सतर्कता बरतने  को सभी से अनुरोध किया है।

हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को राज्य में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं के सम्बन्ध में पूरा  ब्यौरा अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह बताने को कहा है कि राज्य में अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की क्या स्थिति है।


कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा कि ऑक्सीजन उत्पादन व आपूर्ति की क्या स्थिति है। साथ ही ऑक्सीजन के भण्डार करने की क्या व्यवस्था है। कोर्ट ने कहा कि ये कोरोना का नया वैरिएंट पिछले अन्य कोरोना के वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है। इसलिए सभी को पूरी सतर्कता और सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है। 2020 के मार्च माह पूरे देश समेत बिहार में भी करोना महामारी ने दुष्प्रभाव दिखाया था। इसके कारण पूरे देश में बड़ी तादाद में लोगों को अपने जान से हाथ धोना पड़ा था।

कोर फिर मार्च अप्रैल 2021 में इस महामारी ने खतरनाक रूप धारण किया। इस दौरान बड़ी संख्या लोगों की जाने गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस परिस्थिति के लिए राज्य में चिकित्सा अधारभूत संरचना की कमी भी जिम्मेदार रही है। बेड, दवा, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी के कारण  लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस परिस्थिति में राज्य सरकार को नये कोरोना वैरिएंट से निपटने के अभी से युद्ध स्तर पर कार्रवाई आरम्भ कर देनी चाहिए। इस मामले पर अब अगली सुनवाई छह दिसंबर 2021 को फिर की जाएगी।

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