देश का प्रधानमंत्री कैसा हो...'नीतीश भैया जैसा हो', जनता दरबार में नारेबाजी सुन 'गदगद' हुए CM नीतीश, मुस्कुराते हुए कहा..एक से एक है...

देश का प्रधानमंत्री कैसा हो...'नीतीश भैया जैसा हो', जनता दरबार में नारेबाजी सुन 'गदगद' हुए CM नीतीश, मुस्कुराते हुए कहा..एक से एक है...

PATNA:  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता के दरबार में उपस्थित होकर आमलोगों की शिकायत सुन रहे थे. इसी दौरान एक शख्स नारेबाजी करने लगा। जोर-जोर से नारा लगाने लगा. देश का प्रधानमंत्री कैसा हो-नीतीश भैया जैसा हो। देश का प्रधानमंत्री नीतीश कुमार जैसा हो की नारेबाजी की आवाज जैसे ही मुख्यमंत्री के कान तक पहुंची,उनके चेहरे पर खुशी दिखने लगी. पहले मुस्कुराये ,फिर हाथ उठाया. मुस्कुराते हुए कहने लगे-एक से एक है सब....।फिर खूब हंसे नीतीश कुमार 

मेडिकल कॉलेज की खुली पोल

मधेपुरा से आये एक फरियादी ने तो सीधे नीतीश कुमार की पोल खोलकर रख दी। फरियादी ने सीएम नीतीश से कहा कि जुलाई में भी हम मधेपुरा मेडिकल कॉलेज को लेकर आपके यहां शिकायत किये थे। शिकायत के बाद आंशिक सुधार हुआ। जब आपके आदेश पर सुधार नहीं हो सकता तो फिर मेडिकल कॉलेज बनाने से क्या फायदा।न डॉक्टर हैं न जांच होती है। सिर्फ 2 विशेषज्ञ डॉक्टर हैं वो भी सप्ताह में एक दिन आते हैं और हाजिरी बनाकर चले जाते हैं. यह शिकायत सुन नीतीश कुमार बेचैन हो गये। फिर क्या था...उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को बुलाया।

स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल 

सीएम के बुलाने पर प्रत्यय अमृत भागे -भागे नीतीश कुमार के पास पहुंचे । मुख्यमंत्री ने कहा कि कि देखिए क्या हो रहा है। हम जो बनवाये हैं...जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज. फरियादी से कहा-जरा इनको बताइए, कुछ करियेगा न उपाय जी. हम यूवर्सिटी बना रहे हैं और वहां चिकित्सक रहबे नहीं करेगा तो क्या होगा। इस पर प्रत्यय अमृत ने कहा कि हम बायोमेट्रिक सिस्टम लगा रहे हैं. अब भागने का सवाल ही नहीं है। हो जायेगा सर, बायोमेट्रिक लागू कर रहे हैं सर. नीतीश कुमार ने कहा कि जिसको नौकरी करनी है उसको तो रहना ही होगा. फिर मुख्य सचिव की तरफ ध्यान आकृष्ट करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि आप भाग क्यों गये.... आपको बुला रहे हैं जानियेगा तब न, इसके बाद मुख्य मंत्री ने अपने मुख्य सचिव से कहा कि मधेपुरा मे़डिकल कॉलेज में सप्ताह में एक दिन आता है और हाजिरी बनाकर चला जाता है। इस पर मुख्य सचिव बोले- यह तो बहुत बुरा है। सीएम नीतीश ने कहा कि यह सब देखिए. 

भागलपुर से आये एक फरियादी ने सीएम नीतीश से कहा कि 2017 से ही श्रम विभाग की तरफ से मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है। श्रम अधीक्षक ने पैसा वापस करा दिया है। शिकायत सुन सीएम नीतीश ने श्रम विभाग के प्रधान सचिव को फोन लगाकर कहा कि देखिए। भागलपुर से आये हैं ये,कह रहे हैं कि मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा। इस मामले को देखिए। किशनगंज से आये एक फरियादी ने सीएम नीतीश से कहा कि मेरा लड़का गंभीर बीमारी से पीड़ित है। सरकारी मदद की जरूरत है। इस पर सीएम नीतीश ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाकार कहा कि ये इलाज के लिए सरकारी मदद चाहते हैं. अधिकारी ने मुख्यमंत्री से कहा कि सरकारी मदद दी गई है। इसके बाद नीतीश कुमार ने उस फरियादी को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के पास भेज दिया. 

सुपौल से आये एक फरियादी ने कहा कि हमारे गांव का स्कूल नदी में विलीन हो गया है। ऐसे में अब दूसरे जगह पर स्कूल बनाई जाये. इस पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाकर कहा कि गांव का स्कूल नदी में  विलीन हो गया है तो दूसरे जगह पर स्कूल का निर्माण होना चाहिए।  

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