औरंगाबाद में कोर्ट ने कई मामलों पर की सुनवाई, छेड़खानी के आरोपी को सुनाई सजा, हत्यारोपी को पाया दोषी

औरंगाबाद में कोर्ट ने कई मामलों पर की सुनवाई, छेड़खानी के आरोपी को सुनाई सजा, हत्यारोपी को पाया दोषी

AURANGABAD : आज व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के एडीजे सह पोक्सो कोर्ट ब्रजेश कुमार पाठक ने हसपुरा थाना कांड संख्या 27/20 में सुनवाई करते हुए एकमात्र अभियुक्त रवि कुमार चांदी हसपुरा को सज़ा सुनाई है। स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि अभियुक्त को आज छेड़खानी के आरोप में दोषी पाते हुए भादंसं धारा 354ए और 12 पोक्सो एक्ट में तीन साल की सजा और तीन हजार जुर्माना, जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास होगी। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी पीड़िता ने दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि अपनी सहेली के साथ शौच कर लोट रही थी। रास्ते में आरोपी ने मेरा हाथ पकड़ कर झाड़ी के तरह ले जाने लगा तो मे जोर जोर से चिल्लाई तो इस पास के लोग दोड़े। लोगों को आते देख आरोपी भाग खड़ा हुआ। आरोपी  गलत नियत से मेरा हाथ पकड़ कर खींच रहा था। आरोपी को आज बंधपत्र विखंडित कर जेल भेजने का आदेश दिया गया है। 

वहीँ आज व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में एडीजे वन पंकज मिश्रा ने टाउन थाना कांड संख्या 394/20 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए एकमात्र काराधिन बंदी अभियुक्त शम्भु कुमार तैयाप उपहारा गोह को अपहरण और बलात्कार के दोषी पाते हुए सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई पूरी की। अपर लोक अभियोजक रामनरेश प्रसाद और सूचक की और से अधिवक्ता चन्देश्वर पासवान ने बताया कि भादंसं धारा 376 में दस साल की सजा, पचास हजार रुपए जुर्माना, धारा 366 में दस साल की सजा और पचास हजार जुर्माना लगाया गया है। दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी, और कुल रकम के आधी रकम पीड़िता को दिया जाएगा। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि 26/10/20 को प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोपी लड़की को ट्युशन पढ़ाता था। शादीशुदा होने के बावजूद कुछ दिनों से मेरी लड़की पर उसका गंदी निगाह हो गई थी। 25/10/20 को लड़की सुबह से घर से गायब थी। आरोपी के घर पर भी ताला लगा था। तहकीकात कर लड़की के परिजनों ने आरोपी पर वाद दर्ज कराई थी। 

उधर व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में जिला सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने नवीनगर थाना के कांड संख्या 272/19 के मामले पर सुनवाई करते हुए एकमात्र काराधिन बंदी अभियुक्त गजेन्द्र सिंह ग्राम सिमरीभेद नबीनगर को आज भादंसं धारा 302 में दोषी करार दिया है। लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल ने बताया कि सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई के तिथि 03/01/23 निर्धारित किया गया है। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि  बेनी कुंवर ग्राम  सिमरीभेद नबीनगर के द्वारा  01/10/19 को एक मामला दर्ज कराई गई थी। 

जिसमें कहा गया था कि मेरा बेटा पिन्टु कुमार सिंह घास के गट्ठर खेत से ला रहा था। तभी  कुछ लोगों ने हल्ला किया कि पिंटु का हत्या हो गया है। उसका खून से लथपथ लाश गांव के पुरब पगडंडी पर पड़ा है। मेरे छोटे लड़के ने बताया कि अभियुक्त को खेत में जाते देखा था।  उसकी लड़की की कुछ माह पुर्व नदी में डुबने से मृत्यु हो गई थी। अभियुक्त को शकं था कि पिंन्टु के कारण उसकी लड़की मरी है। उसी का बदला लेने के लिए मेरे लड़का को मारा है। इस बात का जिक्र मृतक के माता ने प्राथमिकी में किया है।  तीन जनवरी को अभियुक्त को सज़ा  सुनाई जाएगी। 

औरंगाबाद से दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट 

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