नालंदा सदर अस्पताल में दिखी पुलिस की लापरवाही, शव को 6 दिनों तक न कब्र नसीब हुआ न चिता

नालंदा सदर अस्पताल में दिखी पुलिस की लापरवाही, शव को 6 दिनों तक न कब्र नसीब हुआ न चिता

NALANDA : जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही आम बात हो गयी है। लेकिन यहां अस्पताल की सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवान भी लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला एक अज्ञात शव का है। जिसे 6 दिनों तक न कब्र नसीब हुआ न चिता। छह दिनों तक शव कैफीन बॉक्स में रखा रहा। पहचान के लिए किसी भी अज्ञात शव को पोस्टमार्टम के बाद 72 घंटे सुरक्षित रखा जाता है। उसके बाद पहचान नहीं होने पर थाना स्तर से अंतिम संस्कार किया जाता है। लेकिन, इस शव को 72 घंटे तो छोड़िए छह दिनों तक अंतिम संस्कार के लिए कोई पुलिस कर्मी सुध तक लेने नहीं पहुंचा। 


डीएस डॉ. आर एन प्रसाद ने इस लापरवाही पर एसपी अशोक मिश्रा से शिकायत की है। साथ ही, अस्पताल में तैनात होमगार्ड का जवान अरविंद कुमार से शोकॉज किया है। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को 45 वर्षीय अधेड़ का शव लाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद होमगार्ड का जवान अरविंद कुमार को एक्जीवीट एवं कमान सौंपा गया। इसे प्राप्त करने के बाद भी शव को कैफीन बॉक्स में ही छोड़ दिया गया। 

22 जुलाई को पोस्टमार्टम कर्मी द्वारा इसकी जानकारी मिली। तब इस मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद आनन-फानन में छह दिन बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। 

डीएस ने बताया की आए दिन होमगार्ड की लापरवाही की शिकायत मिलती है। बार-बार उनके वरीय पदाधिकारी को सूचित किया जाता है। इसके बावजूद उनकी कार्यशैली नहीं सुधर रही है। न ही उन्हें हटाया जा रहा है। ऐसे लापरवाह लोगों की वजह से ही स्वास्थ्य विभाग बदनाम हो रहा है। 

नालंदा से राज की रिपोर्ट 

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