पूर्व मंत्री के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर को बना दिया मजाक, किसी से रायफल में नहीं हो रहा था बोल्ट तो किसी ने डर से कंधे पर नहीं रखा रायफल

पूर्व मंत्री के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर को बना दिया मजाक, किसी से रायफल में नहीं हो रहा था बोल्ट तो किसी ने डर से कंधे पर नहीं रखा रायफल

MOTIHARI : मोतिहारी  के रहने गोबिंदगंज विधानसभा के पूर्व विधायक व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र पांडे की ह्दयगति रुकने से बुधवार को उनके पैतृक आवास लौरिया में निधन हो गया . पूर्व मंत्री के मौत की खबर मिलने के बाद जिले भर में में शोक की लहर दौड़ गई। अहले सुबह से ही दरवाजे पर अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।वही शोक व्यक्त करने के लिए तांता लगा रहा। परिजन अंतिम संस्कार के समय "गार्ड ऑफ ऑनर" के लिए दरवाजे पर इंतजार करते रहे। लेकिन अनुमंडल से लेकर जिला प्रशासन की उदासीनता के बाद परिजन शव लेकर दाह संस्कार में जाने लगे । इसके बाद गोबिंदगंज विधायक सुनील मणी तिवारी ने जिला प्रशासन से लेकर सीएम से बातकर व पहल  करके गार्ड ऑफ ऑनर की व्यवस्था कराई. अनुमंडल प्रशासन के पूर्व मंत्री के गार्ड ऑफ ऑनर दिलाने में शिथिलता की चर्चा जोरों पर है।

सरकार के पहल पर जिला प्रशासन के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के लिए भेजी गई बिहार पुलिस की अंग्रेजों के जमाने की थ्री नॉट थ्री का रायफल  समय पर हीं जबाब दे गया. दाह संस्कार में मौजूद लोगों द्वारा वीडियो  वायरल कर दिया गया। जिसके बाद जिला पुलिस को  खूब ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि गार्ड ऑफ ऑनर में  जवानों द्वारा लगभग 30 फायर किया गया ।

और समय पर दगा दे गई बंदूक

बिहार सरकार के पूर्व लघु सिंचाई मंत्री योगेन्द्र पांडे का पार्थिव शरीर गंडक नदी के गोबिंदगंज घाट पर अंतिम संस्कार के लिए चिता पर रखा हुआ था. गार्ड ऑफ ऑनर के लिए जिला से पहुची  पुलिस के जवान अंतिम संस्कार वाले स्थान पर पहुंचे हुए थे. लाईन में सभी जवान थ्री नॉट थ्री का रायफल लिए खड़े थे. उनकी अगुवाई कर रहे जवान ने सभी से सावधान, विश्राम कराने के बाद जवानों को कंधे पर शस्त्र रखने का आदेश दिया. फिर अंतिम सलामी का आदेश देते हीं जवानों ने कंधे पर रखे रायफल से फायर करना शुरु कर दिया. ठांय-ठांय की आवाजे आने लगी. लेकिन इसी दौरान बेचारा एक जवान परेशान दिख रहा था. बार-बार रायफल का बोल्ट चढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बोल्ट फंस जा रहा था. काफी प्रयास के बाद एक बार बोल्ट चढ़ गया. फिर ट्रिगर दबाते हीं गोली फुस्स हो गयी. इसके अलावा उसी पंक्ति में तीसरे नंबर पर खड़े जवान ने दो तीन फायर करने के बाद रायफल की स्थिति भांप कर कंधे पर हीं उसी पोजिशन में उसे छोड़ दिया. इन जवानों की परेशानी देख वहां उपस्थित गण्यमान ,जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी आश्चर्य चकित नजर आ रहे थे। इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद लोग बना रहे थे. उसी में से किसी ने वीडियो को वायरल कर दिया।


पुलिस को कर रहे ट्रोल

उक्त वीडियो अब खूब वायरल किया जा रहा है ।जितनी मुंह उतनी बात लोग कहते नहीं थक रहे। लोग यह कह रहे है कि गोबिंदगंज विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे व एकलौते मंत्री बने पाण्डेय ने अथक प्रयास से अरेराज को अनुमंडल का दर्जा दिलवाया। लेकिन उन्ही के अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान के लिए परिजनों को घंटो इंतजार करना पड़ा।उसके बाद भी अनुमंडल प्रशासन का प्रयास सराहनीय नही रहा। परिजन राजकीय सम्मान के आदेश के घंटों इंतजार के बाद शव यात्रा लेकर आधे रास्ता पहुंचे तब जाकर गोबिंदगंज भाजपा विधायक स्थिति को भांपते हुए मुख्यमंत्री से दूरभाष पर बात कर गार्ड ऑफ ऑनर का आदेश करवाया। उसके बाद आनन फानन में जिला से टीम गार्ड ऑफ ऑनर के लिए घाट पर पहुंची। हालांकि गार्ड ऑफ ऑनर में जवानों द्वारा लगभग 30 फायर किया गया ।

पहले भी हुआ ऐसा

ऐसा पहली बार नही है कि बिहार के किसी मंत्री के निधन पर दिए जानेवाले गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान बंदूक ने धोखा दिया हो। इससे पहले 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के अंतिम संस्कार के दौरान भी गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान किसी बंदूक से फायरिंग नहीं हो सका था। जिसको लेकर खूब हंगामा भी हुआ। यह भी इत्तेफाक है जगन्नाथ मिश्रा भी लालू प्रसाद के करीबी थे और योगेंद्र पांडेय भी।

Find Us on Facebook

Trending News