जमीन के दस्तावेजों की नकल निकालना होगा आसान, बिहार में अब मिलेगी ऑनलाइन नकल

जमीन के दस्तावेजों की नकल निकालना होगा आसान, बिहार में अब मिलेगी ऑनलाइन नकल

पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का भू अभिलेख और परिमाप निदेशालय जल्द ही बिहार के आमलोगों को ऑनलाइन नकल प्राप्त करने की सुविधा देने जा रहा है। फिलहाल यह सुविधा दाखिल-खारिज से संबंधित ऑनलाइन उपलब्ध सभी प्रकार के अभिलेखों पर लागू होगी। भू अभिलेख और परिमाप निदेशालय द्वारा डिजिटली हस्ताक्षरित नकल की मान्यता हेतु एक प्रस्ताव कैबिनेट के अनुमोदन हेतु भेजा जा रहा है। भू अभिलेख और परिमाप निदेशक जय सिंह ने उम्मीद जताई कि मार्च माह अर्थात इसी वित्तीय वर्ष में आम लोगों को यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। 

जय सिंह ने कहा कि अंचल अभिलेख भवनों के जरिए निकट भविष्य में 16 प्रकार के राजस्व दस्तावेजों को आमलोगों को उपलब्ध कराया जाना है। सभी अभिलेख डीएमएस यानि डाॅक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत संधारित किए जा रहे हैं। यह सुविधा भी उसी पर आधारित है। सिंह ने यह भी बताया कि आनलाइन आवेदन राजस्व कार्यालय में प्राप्त होने के तीन कार्यदिवस में दस्तावेज आवेदक को उपलब्ध करा दिया जाएगा।  इस सुविधा के शुरू होने के बाद किसी भी रैयत को अब अंचल या अन्य राजस्व कार्यालय जाकर आवेदन देने या फिर चिरकुट या नन जुडिषियल स्टांप के आधार पर नकल के लिए आवेदन देने से मुक्ति मिल जाएगी। नकल के लिए आॅनलाइन आवेदन संबंधित अंचल अधिकारी को दिया जाएगा। आवेदन के साथ ऑनलाइन भुगतान का प्रावधान भी किया गया है। 


नई व्यवस्था में भुगतान पेमेंट गेटवे के जरिए किया जाएगा। इसे डेबिट या क्रेडिट कार्ड समेत नेट बैंकिंग और भुगतान के दूसरे माध्यमों के जरिए किया जा सकता है। भुगतान प्राप्त होने के बाद संबंधित दस्तावेज को अंचल अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से निर्गत किया जाना है। हां, राजस्व ग्राम के नक्षा पर बिहार सर्वेक्षण कार्यालय, गुलजारबाग के उपनिदेषक का डिजिटल हस्ताक्षर होगा।  भुगतान दस्तावेज के आकार के आधार पर किया जाना है। इसमें ।4 साइज से लेकर ।0 साइज के कागज के लिए अलग-अलग दर निर्धारित किया गया है। ।0 साइज के बड़े कागज के लिए जिसपर राजस्व ग्राम का नक्षा छपता है, 150 रूपये प्रति पृष्ठ की दर निर्धारित है वहीं ।4 के सामान्य साइज के लिए 10 रूपये प्रति पृष्ठ दर तय किया गया है।

मंगलवार को अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय हुआ कि फिलहाल 5 प्रकार के दस्तावेजों का नकल उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें वो सभी दस्तावेज शामिल हैं जो जमीन के दाखिल-खारिज से संबंधित  हैं और आमलोगों को आॅनलाइन उपलब्ध हैं। इनमें नामातंरण अभिलेख, शुदधि पत्र, राजस्व मौजों का नक्षा आदि शामिल हैं। जिन-जिन अंचलों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूरा होता जाएगा, वहां से खतियान भी प्राप्त होने लगेगा।  

वेब पोर्टल विकसित

आवेदन के लिए भू अभिलेख और परिमाप निदेशालय द्वारा एक वेब पोर्टल विकसित किया गया है। सभी आवेदन इसी पर भेजे जाएंगे जो सेंट्रल सर्वर से छंटकर संबंधित अंचल अधिकारी के लाॅगिन में चले जाएंगे। हरेक आवेदक को पोर्टल पर जाकर ओटीपी आधारित अकाउंट बनाना है और आवेदन देना है। भुगतान प्राप्त होने पर संबंधित दस्तावेज डिजिटली साइन होकर उसी अकाउंट में आ जाएगा जहां से उसे डाउनलोड किया जा सकेगा।  राजस्व ग्राम के नक्षों के लिए डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था है। इसकी तैयारी भी पूरी हो चुकी है। प्रति शीट 150 रूपये और डाक शुल्क का भुगतान करके कहीं से भी राजस्व नक्षों को घर बैठे मंगाया जा सकता है। जल्द ही इस सेवा को आम लोगांे को समर्पित किया जाना है। यह नक्षा भी उपनिदेषक, गुलजारबाग द्वारा डिजिटली हस्ताक्षरित होगा। 

लोगों की परेशानी होगी दूर : राय 

फिलहाल ढाई रूपये और पांच रूपये के चिरकुट या फिर नाॅन जुडिषियल स्टांप के आधार पर आवेदन देने का प्रावधान है। अंचलों में वर्तमान में खतियान, दाखिल-खारिज, नापी, बंदोबस्ती अभिलेख, अतिक्रमणवाद, लगान निर्धारण वाद, भू हदबंदी अधिनियम से प्राप्त अधिषेष भूमि का नकल देने का प्रावधान है। इस व्यवस्था में लोगों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था में आमलोगों को काफी सुविधा होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार ने कहा कि जमीन से संबंधित किसी भी काम में लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। आगे भी हम आम लोगों के लिए तकनीक आधारित कई प्रकार की और सुविधा देने जा रहे हैं।


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