"जनता के दरबार में मुख्यमंत्री" कार्यक्रम में शामिल हुये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, साढ़े पाॅच घंटे में 146 लोगों के समस्याओं का किया निपटारा

"जनता के दरबार में मुख्यमंत्री" कार्यक्रम में शामिल हुये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, साढ़े पाॅच घंटे में 146 लोगों के समस्याओं का किया निपटारा

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देारत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुॅचे 146 लोगों की लगातार साढ़े पाॅच घंटे से अधिक समय तक समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यकम में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला संस्ति एवं युवा विभाग, वित्त विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा सामान्य प्रशासन विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी। 

सीतामढ़ी जिले की रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र की एक महिला शिकायतकर्ता शांति देवी ने मुख्यमंत्री से फरियाद लगाई कि दबंगों ने उनके साथ मारपीट की है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुये मुख्यमंत्री ने डी0जी0पी0 को पूरे मामले पर तुरंत आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये। डी0जी0पी0 ने उस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए थानेदार से बात की और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने को कहा। भागलपुर से आयी छात्रा अभिलाषा कुमारी ने अपनी शिकायत में कहा कि उसने साल 2019 में ही ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है और प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण भी हुई है। दो साल का वक्त बीत जाने के बावजूद उसे अभी तक मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन राशि का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इसी तरह की एक और शिकायत दूसरी छात्रा आकांक्षा कुमारी ने भी की, उनके मुताबिक उसने साल 2018 में ग्रेजुएशन पूरा किया है लेकिन उसे भी अब तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये। भागलपुर से आए युवक जो कि कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से सम्मानित कलाकार हैं, अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था कि कलाकारों को जो व्यवस्था मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को इस मामले में समुचित कार्रवाई के निर्देश दिये। बिजली विभाग में कन्ट्रैक्ट पर नाइट गार्ड के तौर पर कार्य करने वाले एक कर्मी ने भी अपनी शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उसने कहा कि हड़ताल पर जाने के कारण उसे सेवा से हटा दिया गया। कन्ट्रैक्ट पर जिस एजेंसी ने रखा था वह मनमानी कर रही है। मामला श्रम विभाग में भी पहुंचा था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुयी। मुख्यमंत्री ने कन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले ऐसे लोगों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुये संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई के निर्देश दिये। नवादा के वारसलीगंज के प्रत्युष आनंद ने मुख्यमंत्री से कहा कि भोजपुरी एवं मगही गीतों में अश्लीलता एवं हिंसा को बढ़ावा देने के लिए जिस तरह शब्दों का प्रयोग हो रहा है वह समाज और गरिमा के लिए नुकसानदेह है। इस पर समुचित कार्रवाई करने की जरुरत है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए कला-संस्कृति एवं युवा विभाग को निर्देश दिया। सहारा इंडिया में फिक्स डिपजिट का समय पूरा होने के बाद भी पैसे का भुगतान नहीं करने संबंधी एक आवेदक की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के प्रधान सचिव को आवयक कार्रवाई के निर्देश दिये। नालंदा के हरनौत के दिलीप कुमार ने एक ही जमीन का विभिन्न नामों से अंचलाधिकारी द्वारा जमाबंदी कराए जाने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पटना जिले की मसौढ़ी की उषा देवी ने अपने शिकायत में कहा कि वर्ष 2015 से उन्हें वृद्धा पेंशन का लाभ मिल रहा था लेकिन जब से बैंक खाता के माध्यम से पेंशन मिलने की बात हुई है तब से मुझे पेंशन नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को इस संदर्भ में शीघ्र नियमानुकूल कार्रवाई का निर्देश दिया। पटना सदर के मुकेश कुमार हिसारिया ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयास से ही 14 जून 2020 को थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए बिहार में पहला थैलीसीमिया डे केयर सेंटर से अब तक 1800 बच्चों को ब्लड उपलब्ध कराया गया है लेकिन आयरन कम करने की दवा अभी उपलब्ध नहीं है। साथ ही थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को 120 सीढ़ी चढ़ना पड़ता है। इसके लिए लिफ्ट जल्द ठीक कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में 146 आवेदक उपस्थित हुए थे जिसमें 28 महिलाएं और 118 पुरुष थे। 

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार, अनुसूचित जाति-जनजाति मंत्री संतोष कुमार सुमन, सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, कला-संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक एस0के0सिंघल, अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण अतुल प्रसाद, अपर मुख्य सचिव भूमि एवं राजस्व सुधार विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव शिक्षा संजय कुमार, अपर मुख्य सचिव श्रम संसाधन वंदना किनी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य प्रत्यय अमृत,  मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव सूचना एवं प्रावैधिकी संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, सचिव अल्पसंख्यक विभाग सफीना एम0, सचिव कला-संस्ति एवं युवा विभाग बंदना प्रेयसी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, संबंधित विभागों के अन्य वरीय अधिकारी, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा उपस्थित थे। 


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