दावा 1021 वार्डों तक नल-जल पहुंचाने का,लेकिन कहीं जलमिनार ध्वस्त ,तो कहीं टोटी से पानी गायब...

दावा 1021 वार्डों तक नल-जल पहुंचाने का,लेकिन कहीं जलमिनार ध्वस्त ,तो कहीं टोटी से पानी गायब...

KHAGDIYA. बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक मुख्यमंत्री हर घर नल-जल योजना है।लेकिन यह योजना कैसे भ्र्ष्टाचार के भेंट चढ़ गया है,कितना यह धीमा चल रहा है। इसका एक बानगी पेश कर रहा है खगड़िया जिला। जहां पीएचडी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले के 1021 वार्डों में नल-जल योजना काम पूरा हो गया है। लेकिन सच्चाई यह है कि कंही नल में पानी नहीं है, तो कंही जलमिनार से टंकी गायब। कंही सिर्फ पाइप ही बिछाया गया है।

कई जगहों में हुई गड़बड़ी की शिकायत

जलमिनार का नींव इतना कमजोर है कि एक वार्ड में जलमिनार उद्दघाटन से पहले ही ध्वस्त हो गया। जिले के गोगरी प्रखण्ड के शेरचकला गांव के वार्ड संख्या -09 में बना जलमिनार पानी सप्लाई के पहले दिन ही ध्वस्त हो गया।हालांकि विभाग ने सबंधित संवेदक के खिलाफ पसराहा थाना में केस दर्ज कराया है। स्थानीय लोगो की माने तो जलमिनार निर्माण में गुणवत्तापूर्ण मेटेरियल का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। जिस कारण जलमिनार की लास्टिंग कम है। जंहा बोरिंग से  लेकर पाइप और नल लगाने का काम हुआ है।वह भी सही से नहीं हुआ है।जिस कारण जिले के अधिकांश वार्ड में या तो टोटी से पानी नहीं निकलता है या पानी निकलता भी है तो बेहद धीमा सदर प्रखंड के माड़र ,रहीमपुर दक्षिणी और रसौक पंचायत के वार्डों का यही खस्ताहाल है।

हालांकि किसी-किसी वार्ड में नल-जल योजना का जल सही तरीके से सप्लाई भी हो रहा है। इससे इतर जिले के PHD विभाग का दावा है कि जिले में नल जल योजना का काम सरकारी गाइड लाइन के मुताबिक हो रहा है। जिले में कुल 1858 वार्डों में नल जल योजना के तहत पानी का सप्लाई करना है। जिसमे 1021 वार्ड में काम पूरा हो गया है। इस महीने के लास्ट तक 1400 वार्डों में काम पूरा हो जाएगा। बांकी वार्डों में काम अगले महीने फरवरी में पूरा हो जाएगा।अब तक धीमी गति काम करने वाले 22 संवेदक को शो-कॉज किया गया है। एक संवेदक पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।


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