खुद के मारे जाने के डर ने कर दिया दोस्त की हत्या के लिए मजबूर, गला काटकर फेंक दिया था शव

खुद के मारे जाने के डर ने कर दिया दोस्त की हत्या के लिए मजबूर, गला काटकर फेंक दिया था शव

नालंदा। अपनी मौत का खौफ किसी को भी वह कदम उठाने के लिए मजबूर कर  देता है, जो कि बेहद खतरनाक होता है। बिहार के नालंदा जिले से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां कुछ लोगों ने सिर्फ इस डर से अपने दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी क्योंकि उन्हें डर था कि उसके जिंदा रहने पर अपनी जान को खतरा हो सकता है। मामला चार दिन पहले लापता मो. आसिफ से जुड़ा है, जिसकी बेरहमी से हत्या के बाद उसके शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया गया था, अब पुलिस ने हत्या की इस गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने आसिफ हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि  मृतक सालूगंज निवासी मो. शमशाद खां का 20 वर्षीय पुत्र मो. आसिफ रविवार को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। मंगलवार को परिजन ने नगर थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान नवादा जिला के नारदीगंज थाना क्षेत्र से युवक की लाश बरामद हुई। गला काटकर बदमाशों ने आसिफ को मौत के घाट उतारा था। गिरफ्तार बदमाशों में सालूगंज निवासी मो. चांद, शेरपुर निवासी मो. बदरे, कांटापरनिवासी मो. आदिल खान और अस्थावां के माफी गांव निवासी मारुति चालक तौफीक आलम है। 

आपसी झगड़ा बना हत्या का कारण

सदर डीएसपी शिब्ली नोमानी ने बताया कि मृतक का बदरे आलम उर्फ प्रिंस से झगड़ा हुआ था। जिसमें बदरे को पिस्टल सटा जान मारने की धमकी दी गई। बदमाश ने सोचा कि आसिफ उसकी हत्या करा सकता है। इस कारण बदरे ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बना ली। 20 दिसंबर को बदमाश युवक को घर से बुलाकर लाएं। उसे शराब पिलाई। इसके बाद सभी बदमाश उसे मारुति ओमनी में घूमने की बात कहकर बिठा लिया। आसिफ नशे में धुत था। बदमाशों ने वाहन में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बदमाशों को संदेह था कि आसिफ अगर बच गया तो वे सब फंस जायेंगे। इस कारणा चाकू से उसका गला काट दिया। शव को नवादा जिला के नारदीगंज थाना इलाके में सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया। घटना में संलिप्त एक बदमाश फरार है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

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