बिहार में किसानों के समर्थन में उतरे किसान संगठन, 29 दिसंबर को करेंगे राजभवन मार्च

बिहार में किसानों के समर्थन में उतरे किसान संगठन, 29 दिसंबर को करेंगे राजभवन मार्च

GAYA : किसान विरोधी तीनों कृषि कानून व बिजली बिल-2020 वापसी की मांग, बिहार में एम एस पी पर सभी किसानों-बटाइदारों के धान खरीद की गारंटी करने और मंडी व्यवस्था बहाल करने, पंजाब व देश किसान आंदोलन के साथ एकजुटता प्रदर्शित कर आंदोलन को तेज करने के साथ सरकार को किसानों की न्यायोचित मांगों मानने के सवाल को लेकर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्यव समिति के आह्वान पर बिहार में अखिल भारतीय किसान महासभा-भाकपा-माले के तत्वावधान में 29 दिसंबर को बिहार के राज्यपाल के समक्ष हजारों की संख्या किसान राजभवन पहुंचेंगे. मार्च के माध्यम से आंदोलनरत किसानों के मांगों को अविलंब पूरा करने का मांग किया जायेगा. 

राजभवन मार्च की तैयारी में गया जिले के गांवों में संघर्ष यात्रा के तहत सभा, बैठक, मोदी-शाह का पुतला दहन किया जा रहा है. अब तक भाकपा-माले, किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने 200 से भी अधिक गांवों में सभा कर दिल्ली-पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन के मांगों के बारे में अवगत कराया. साथ ही किसान आंदोलन को बदनाम करने की सरकारी साजिश का भंडाफोड़ किया. 

कार्यक्रम का आयोजन टिकारी - रोहन यादव,रवि कुमार,कोंच- सुरेन्द्र यादव,शिव प्रसाद, मुखिया संजय राम बेलागंज-मुन्द्रीका राम,कृष्णा सिंह, शैलेश,रीता बरनवाल, खिजरसराय-परशुराम राय,राजू पासवान, मानपुर-सुदामा राम, रामचंद् मांझी, फतेहपुर-श्रीचंद दास,डोभी/शेरघाटी-रामलखन प्रसाद,शीला वर्मा, संजय मांझी, इमामगंज-डोमन पासवान, कुलदीप प्रसाद,गुरारु-सीधी यादव, बालेश्वर प्रसाद यादव,परैया-उपेन्द्र यादव, मोहनपुर-लीला यादव, रामबिलास दास आदि नेताओं ने किया. 

भाकपा माले जिला सचिव निरंजन कुमार ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को बदनाम करने और किसान आन्दोलन में तोड़फोड़ करने की रणनीति छोड़ किसानों से वार्ता कर तीनों किसान बिल तत्काल वापस कर संसद का विशेष सत्र बुलाकर कानून को शिथिल करें. अन्यथा किसान आंदोलन तेज होगा. 

गया से मनोज कुमार से रिपोर्ट...


 

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