नीतीश कुमार को किस नेता ने बनाया बिहार एनडीए का चेहरा, पढ़िए उनके सीएम बनने की इनसाइड स्टोरी

नीतीश कुमार को किस नेता ने बनाया बिहार एनडीए का चेहरा, पढ़िए उनके सीएम बनने की इनसाइड स्टोरी

DESK : बात सन 2005 की है. जब बिहार की सत्ता में बैठे लालू राबड़ी परिवार को जनता ने गद्दी से उतार दिया था. फ़रवरी में आये चुनाव परिणाम के बाद राजद गठबंधन सिर्फ 243 सीटों में से 75 पर चुनाव जीत पायी थी. लेकिन इसके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले भाजपा जदयू को भी निराशा ही हाथ लगी थी. इस चुनाव में उसे महज 92 सीटें हासिल हुई थी. इस तरह बिहार में उस समय कोई भी पार्टी सरकार बनाने की हैसियत नहीं रखती थी. 

बड़ा गठबंधन होने की वजह से राज्यपाल ने नीतीश कुमार को सरकार बनाने के आमंत्रित किया. लेकिन आठ दिन बाद भी नीतीश सरकार नहीं बना सके. अंत में केंद्र मनमोहन सिंह की सरकार ने बिहार विधानसभा को भंग कर दिया. सरकार के इस फैसले के खिलाफ बाद में एनडीए सुप्रीम कोर्ट भी गयी थी. हालाँकि नीतीश कुमार भी चाहते थे की बिहार में फिर से चुनाव कराया जाये. मनमोहन सरकार ने उनकी मंशा पूरी कर दी थी. 


बिहार विधानसभा भंग होने के बाद राज्य में फिर से चुनाव की घोषणा की गयी. उस समय अरुण जेटली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव थे. इसके साथ ही उनपर बिहार की भी जिम्मेवारी थी. नीतीश कुमार ने उनसे बात की. उनका कहना था की बिहार की जनता लालू राबड़ी के शासन से मुक्ति तो चाहती है. लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होने की वजह से जनता का पूरा समर्थन नहीं मिला. 

जेटली भी नीतीश की बातों से सहमत हुए और उन्होंने नीतीश कुमार की बात भाजपा हाईकमान तक पहुंचाई. अंत में नीतीश कुमार को बिहार एनडीए का चेहरा घोषित किया गया. नवम्बर 2005 में फिर से बिहार में चुनाव हुए और नीतीश कुमार को स्पष्ट बहुमत मिला. इसके बाद नीतीश कुमार अभीतक बिहार के मुख्यमंत्री हैं.  

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