केके पाठक बनेंगे बिहार के मुख्य सचिव ! विधान परिषद में राबड़ी देवी के 'भाई' की सीएम नीतीश से खास मांग

केके पाठक बनेंगे बिहार के मुख्य सचिव ! विधान परिषद में राबड़ी

पटना. बिहार के शिक्षकों को गाली देने का वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में घिरे शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को लेकर एक खास मांग की गई है. उन्हें बिहार का मुख्य सचिव बनाने की मांग की गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से यह खास मांग भी उनके धुर विरोधी राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने की है. बिहार विधान परिषद में गुरुवार को केके पाठक को राज्य के सबसे बड़े प्रशासनिक पद देने की मांग उसी गाली देने वाले वायरल वीडियो के मुद्दे पर आया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जदयू के एमएलसी संजीव कुमार सिंह  ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा में बोलने के बाद भी स्कूलों की टाइमिंग सुबह 9 से शाम 5 बजे तक रखी जा रही है. एक दिन पहले ही केके पाठक के निर्देश पर यह आदेश जारी हुआ है. यानी केके पाठक अब सीएम नीतीश के आदेश की भी अवहेलना कर रहे हैं. सीएम नीतीश ने सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक स्कूल खोलने की बात कही थी. 

सुनील सिंह का तंज : एमएलसी संजीव कुमार सिंह की बातों का समर्थन करते हुए कई एमएलसी ने केके पाठक को मनमाने ढंग से काम करने वाला अधिकारी कहा. इसी बीच, राजद के सुनील कुमार सिंह ने कहा कि सीएम नीतीश एक दिन पहले ही केके पाठक की खूब तारीफ कर रहे थे. वहीं पाठक का वीडियो वायरल है जिसमें वे शिक्षकों को गाली दे रहे हैं. पहले भी कई विवादित बयान और आदेश जारी करा चुके हैं जबकि पूरा सदन उनके खिलाफ अपने वक्तव्य दे चुका है. 

सुनील सिंह ने कहा कि अगर सीएम नीतीश समझते हैं कि केके पाठक इतने ही काबिल अधिकारी हैं तो बेहतर होगा उन्हें राज्य का मुख्य सचिव बना दें. या फिर केके पाठक को मुख्यमंत्री अपने साथ ही किसी अहम पद देकर रखें ताकि बिहार का और ज्यादा भला हो जाए. सुनील कुमार सिंह के इस कटाक्ष से पूरा सदन विनोदपूर्ण माहौल में हो गया. दरअसल, एक दिन पहले भी केके पाठक के वायरल वीडियो को लेकर सदन में हंगामा हुआ था. बाद में उनके वीडियो से जुड़े जाच के मुद्दे पर एक पांच सदस्यीय दल का गठन किया गया है. 

सीएम का आदेश नहीं लागू : वहीं सीएम नीतीश ने पहले ही विधानसभा में कहा था कि स्कूल सुबह 10 बजे खुलेंगे और शाम 4 बजे बंद होंगे. वहीं शिक्षकों को सुबह 9.45 बजे स्कूल आना होगा और शाम 4..15 बजे तक जा सकते हैं. हालांकि उनकी इस घोषणा के बाद भी अब तक इस सम्बधं में कोई आदेश शिक्षा विभाग ने जारी नहीं किया है. इसी मुद्दे पर सदन में गुरुवार को हंगामा हुआ और सुनील सिंह ने केके पाठक को मुख्य सचिव बनाने का सुझाव दे दिया.