इंजीनियरों के घर कुबेर का खजाना ! निगरानी रेड में JE निकला अकूत संपत्ति का मालिक...'बीवी' को बिल्डर बनाने वाले मोतिहारी के 'कार्यपालक अभियंता' के पास कितनी संपत्ति ?

 इंजीनियरों के घर कुबेर का खजाना ! निगरानी रेड में JE निकला अकूत संपत्ति का मालिक...'बीवी' को बिल्डर बनाने वाले मोतिहारी के 'कार्यपालक अभियंता' के पास कितनी संपत्ति ?

PATNA: बिहार में इंजीनियर धनकुबेर हैं. छोटा इंजीनियर हो या बड़ा,सबने अकूत संपत्ति अर्जित की है। आज निगरानी ब्यूरो ने एक भ्रष्ट जूनियर इंजीनियर के ठिकानों पर छापा मारा. आय से करीब 1.21 करोड़ रू अधिक अर्जित करने का केस दर्ज किया गया है। पूर्णिया नगर निगम के जूनियर इंजीनियर शिवशंकर सिंह के ठिकानों पर निगरानी की छापेमारी की गई। निगरानी ब्यूरो की टीम भ्रष्ट जेई के पूर्णिया आवास-कार्यालय और सहरसा आवास पर छापेमारी की है. रेड में 10 से बैंक अकाउंट में 75 लाख रू जमा हैं. पटना में भी फ्लैट का पता चला है। पूर्णिया और सहरसा में आलीशान मकान मिला है। इसके अलावे दो बैंक लॉकर मिला है जिसकी तलाशी ली जा रही है। इसके अलावे आवास पर तीन चार पहिया वाहन मिला है। एक अदना सा जूनियर इंजीनियर जब इतनी संपत्ति अर्जित कर सकता है तो फिर बड़े इंजीनियरों की काली कमाई का तो कोई हिसाब-किताब ही नहीं। न्यूज4नेशन ने खुलासा किया था कि मोतिहारी में पदस्थापित एक ऐसे ही धनकुबेर इंजीनियर हैं, जिन्होंने अपनी पत्नी को बिल्डर बनाया।

पत्नी को बिल्डर बनाकर काले धन को किया सफेद

जांच एजेंसी जिस इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी कर रही वहां अकूत संपत्ति का पचा चल रहा है. तीन महीने पहले किशनगंज में पदस्थापित एक इंजीनियर के ठिकानों पर छापा में पांच करोड़ से अधिक नकद मिला था। कई ऐसे इंजीनियर हैं जिन्होंने रिश्वत के पैसे से महल खड़ा किया है। यहां जिस कार्यपालक अभियंता की चर्चा कर रहे हैं उनके बारे में तरह-तरह की जानकारी निकलकर सामने आई है.  मोतिहारी में पदस्थापित इंजीनियर साहब के बारे में कहा जाता है कि बिल्डर पत्नी के नाम पर बनी कंपनी के माध्यम से काले धन को सफेद किया। वैसे जांच एजेंसी जब इंजीनियर साहब की कुंडली खंगालेगी तभी जाकर वास्तविकता से पर्दा उठेगा। इंजीनियर साहब की आमदनी का और कोई दूसरा श्रोत भी है या रिश्वत का पैसे को खपाने के लिए यह ट्रिक अपनाया था, यह जांच के बाद ही पता चलेगा। 

पत्नी के नाम पर बनाई कंपनी,संपत्ति के ब्योरा में उल्लेख नहीं किया 

मोतिहारी के सिंचाई विभाग के एक कार्यपालक अभियंता भी अकूत सपंत्ति का मालिक बन बैठे हैं. उस इंजीनियर की पोस्टिंग पूर्वी चंपारण जिले में है। बताया जाता है कि उस इंजीनियर ने अपनी पत्नी को बिल्डर बनाकर अवैध कमाई को व्हाइट करने की भरपूर कोशिश की। इंजीनियर ने पत्नी के नाम पर कंपनी खोल लिया और राजधानी पटना में फ्लैट बनाने का काम शुरू किया। यह काम पिछले एक दशक से जारी है। सबसे बड़ी बात तो यह कि धनकुबेर इंजीनियर ने अपनी पत्नी के नाम कंपनी तो बनाया लेकिन उसकी जानकारी सरकार को नहीं दी है। यानी पोल खुलने के डर से उस इंजीनियर ने जानकारी छुपा ली।

संपत्ति की कुंडली 

जल संसाधन विभाग में तैनात इंजीनियर ने अपनी पत्नी के नाम पर.......होम डेवलपर्स कंपनी बनाई। इस कंपनी के माध्यम से इंजीनियर की पत्नी ने पटना में अपार्टमेंट बनाने का काम शुरू कर दिया। बताया जाता है कि बिल्डर पत्नी ने दिसंबर 2015 से फ्लैट बेचना शुरू कर दिया। दिसंबर 2015 में 34 लाख में फ्लैट की बिक्री की। इसके बाद रामजयपाल नगर में मई 2016 में 15 लाख में फ्लैट बेंचा, फिर 2016 में डेंटल कॉलेज के पास ही 26 लाख में एक फ्लैट की बिक्री की. फरवरी 2017 में गोला रोड में करीब 37 लाख में बिक्री की, सितंबर 2017 राम जयपाल नगर मेंं एक 9 लाख में बेंचा. इसके बाद इंजीनियर की बिल्डर पत्नी ने अप्रैल 2018 में गोला रोड में एक ही दिन 27 लाख, 23 लाख और 8 लाख में फ्लैट की बिक्री की। इसके बाद दिसंबर 2019 में आर्य समाज रोड में 30 लाख में एक फ्लैट की बिक्री की. 

पत्नी से खरीदा फ्लैट 

इंजीनियर ने 2018 में अपनी पत्नी से 37 लाख में एक फ्लैट को खरीदा। यानी बेंचने वाली पत्नी थी और सामने खरीददार पति था। इस तरह से इंजीनियर साहब ने पटना में अपने नाम पर फ्लैट की ख्वाइश पूरी की। 

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