SITAMARHI : सीतामढ़ी सदर अस्पताल के निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत से गिरकर 20 वर्षीय मजदूर की मौत मामले में श्रम विभाग की पांच सदस्यीय टीम मृतक के घर रीगा थाना क्षेत्र के वीरता टोला वार्ड 10 गुरलिया पहुंच मामले की जांच की। श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार के निर्देश पर गए पांच सदस्यीय टीम ने मृतक के परिजनों से काम समेत उक्त घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार युवक के पिता बाहर रहकर मजदूरी का काम करते है। बेटे की मौत से जहां एक तरफ परिजन सदमे में है वही श्रम विभाग की टीम मृतक मजदूर के परिजनों को प्रावधान अनुसार सरकारी सहायता और अनुदान की राशि दिलाने को लेकर कागजी प्रक्रिया पूर्ण करने के साथ दिलाने का आश्वासन दिया। रीगा श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रौशन कुमार ने बताया की मृतक शमशाद के पिता मो. मुंसरीफ अंसारी ने बताया की उनका पुत्र पहले बाहर रह कर काम करता था। दो माह से सदर अस्पताल में रहकर चल रहे भवन निर्माण में मजदूरी का काम कर रहा था।
इसी दौरान पांच मंजिला इमारत से गिरकर उनकी मौत हो गई। वही उन्होंने बताया की मजदूर श्रम विभाग से रजिस्टर्ड नही है। इसलिए मृतक के परिजनों को शताब्दी योजना के तहत एक लाख रुपए की राशि बतौर अनुदान दिया जाएगा। वही संवेदक के द्वारा अनुदान की बात पर उन्होंने बताया की जब तक परिजन की ओर से लिखित रूप में आवेदन नही दिया जाता है, तब तक कॉम्पेसेसन एक्ट के तहत संवेदक पर राशि के लिए दवाब नही बनाया जा सकता है।
वही मृतक के मानसिक स्थिति खराब को लेकर उठ रहे अफवाफ पर जांच पदाधिकारी ने विराम लगाते हुए स्पष्ट किया की अगर किसी मजदूर या कर्मी का दिमागी संतुलन सही नही होगा तो उसे काम पर रखना ही गलत होता है। जांच टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रीगा रौशन कुमार, पुपरी वरुण कुमार, बेलसंड सुरेश कुमार,सुरसंड प्रमोद कुमार व सोनबरसा आदित्य कुमार चौधरी शामिल थे।
सीतामढ़ी से अविनाश की रिपोर्ट