जमानत पर रिहा लालू प्रसाद की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, चारा घोटाले के इस मामले में सजा बढ़ाने की हुई मांग, सीबीआई ने कहा - कम मिली है सजा

जमानत पर रिहा लालू प्रसाद  की बढ़ सकती  हैं मुश्किलें, चारा घोटाले के इस मामले में सजा बढ़ाने की हुई मांग, सीबीआई ने कहा - कम मिली है सजा

PATNA/RANCHI : किडनी की बीमारी से जूझ रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के लिए चारा घोटाला वह भूत है, जो उनका पीछा नहीं छोड़ता है। चारा घोटाले के डोरंडा  कोषागार मामले में एक माह पहले ही जमानत पर रिहा हुए लालू प्रसाद  एक बार फिर चारा  घोटाले के एक मामले में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। सीबीआई ने देवघर कोषागार में हुए अवैध निकासी के मामले में कोर्ट में अपील की है कि इस घोटाले में लालू प्रसाद को जो सजा मिली है, वह बेहद ही कम है और उनकी सजा की अवधि बढ़ाई जाए।

सोमवार को सीबीआई की याचिका पर रांची हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई।प्रार्थी लालू यादव की ओर से अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने पक्ष रखा।इस दौरान इस मामले में सीबीआई की ओर से समय देने की मांग की गई. अब तीन सप्ताह बाद इस मामले में सुनवाई होगी।

सात साल की मिले सजा

सीबीआई ने कहा है कि लालू यादव समेत अन्य को इस मामले में कम सजा दी गई है. इनकी सजा बढ़ायी जाए. सीबीआई की ओर से कम से कम सात साल सजा करने की मांग की गयी है। CBI का कहना है कि लालू  यादव साजिशकर्ताओं में शामिल रहे हैं। लेकिन उन्हें कम सजा मिली है। जबकि निचली अदालत ने इसी मामले में जगदीश शर्मा को सात साल की सजा सुनायी थी. ऐसे में लालू यादव को भी इतनी ही सजा दी जानी चाहिए।

मिली थी साढ़े तीन साल की सजा

लालू प्रसाद को  6 जनवरी 2018 को देवघर ट्रेजरी से 90 लाख के  घोटाले में दोषी बताते हुए साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई थी। जिसकी अवधि अब पूरी होने को है। फिलहाल लालू यादव सभी पांचों चारा घोटाले में सजायाफ्ता हैं और जमानत पर हैं। 


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