लालू यादव ने कांग्रेस को दिया बड़ा झटका! बिहार एमएलसी चुनाव में काटा टिकट, नहीं दी एक भी सीट
पटना. बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. 21 मार्च को एमएलसी की 11 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में पांच सीटों के लिए महागठबंधन ने शुक्रवार को उम्मीदवार घोषित किए हैं. इसमें राजद के चार और भाकपा माले के एक उम्मीदवार शामिल हैं. वहीं कांग्रेस की ओर से रिक्त हो रही एक सीट पर इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार नहीं बनाए गए. राजद की ओर से विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी और वरिष्ठ पार्टी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाया गया है. इसके साथ ही दो अन्य उम्मीदवारों में राजद प्रवक्ता उर्मिला ठाकुर और सैयद फैसल अली के नाम शामिल हैं. भाकपा (माले) की शशि यादव महागठबंधन की पांचवीं उम्मीदवार हैं.
कांग्रेस के प्रेमचंद्र का कार्यकाल पूरा : आगामी 6 मई में को जिन नेताओं का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विधान परिषद में नेता विरोधी दल राबड़ी देवी. अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन, खालिद अनवर, प्रेमचंद्र मिश्रा, पूर्व मंत्री मंगल पांडे, संजय झा, संजय पासवान, रामेश्वर महतो, रामचंद्र पूर्वे और पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन शामिल हैं। इनमें से संजय झा पहले ही राज्यसभा जा चुके हैं। इसमें कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है. लेकिन इस बार कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया. ना ही कांग्रेस के किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया गया है.
क्यों कटा कांग्रेस का टिकट : कांग्रेस के एमएलसी का टिकट कटने के पीछे महागठबंधन की एकता बनाए रखने के लिए घटक दलों का एक दूसरे को सहयोग माना जा रहा है. पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के डॉ अखिलेश सिंह उम्मीदवार थे. उन्हें राजद और वाम दलों ने समर्थन किया था. सूत्रों के अनुसार उसी समय तय हुआ था कि एमएलसी चुनाव में कांग्रेस उम्मदीवार नहीं देगी. कांग्रेस द्वारा एमएलसी चुनाव में वाम दल के उम्मीदवार को समर्थन किया जाएगा. उसी अनुरूप शशि यादव को भाकपा माले ने उम्मीदवार बनाया है और अब कांग्रेस उन्हें समर्थन करेगी.
महागठबंधन के पांच एमएलसी जीतेंगे : बिहार विधानसभा में विधायकों की दलीय स्थिति देखें तो बीजेपी के 78 (कांग्रेस के दो बागी और राजद के 2 बागी विधायक भी बीजेपी के साथ जिससे कुल 82 विधायक भाजपा के होते हैं), जेडीयू के 45, 'हम' के चार और एक निर्दलीय विधायक के वोट हैं. विपक्ष की बात करें तो आरजेडी के पास 74, कांग्रेस के 17, वाम दल के 16 एमएल हैं. जबकि एआईएमआईएम के 1 एमएल हैं. ऐसे में एक एमएलसी सीट जीतने के लिए 21 विधायकों का समर्थन चाहिए. मौजूदा संख्या बल के हिसाब से एनडीए के पास 132 विधायकों का समर्थन है. वहीं विपक्षी खेमे को 107 विधायक महागठबंधन के हैं. संख्या बल के हिसाब से भाजपा के 3, जदयू के 2 और हम के 1 एमएलसी बनेंगे जबकि राजद के चार और वाम दल के एक एमएलसी होंगे.